जनसंवाद, खरसावां (उमाकांत कर)। सरायकेला-खरसावां जिले के कुचाई प्रखंड अंतर्गत उत्क्रमित मध्य विद्यालय बिजार में शिक्षा व्यवस्था की गंभीर स्थिति सामने आई है। यहां कक्षा 1 से 8 तक कुल 118 छात्र-छात्राओं की पढ़ाई मात्र एक सहायक शिक्षक के भरोसे चल रही है, जिससे अभिभावकों और ग्रामीणों में भारी चिंता और आक्रोश है।
विद्यालय में विभिन्न विषयों के लिए कुल 8 पद स्वीकृत हैं, लेकिन वर्तमान में एक भी नियमित शिक्षक पदस्थापित नहीं है। केवल सहायक शिक्षक महेश चंद्र लागुरी ही प्रभारी प्रधानाध्यापक के रूप में पूरे विद्यालय का संचालन कर रहे हैं।
इस गंभीर समस्या को लेकर शुक्रवार को विद्यालय परिसर में ग्रामीणों एवं अभिभावकों की बैठक आयोजित की गई। बैठक में रूगुडीह पंचायत के मुखिया करम सिंह मुंडा और उपमुखिया सुखलाल मुंडा सहित कई अभिभावक एवं ग्रामीण उपस्थित रहे।
बैठक में मुखिया करम सिंह मुंडा ने कहा कि एक शिक्षक के भरोसे पूरे विद्यालय का संचालन होना अत्यंत चिंताजनक है। एक ही शिक्षक को पढ़ाई के साथ-साथ मध्यान्ह भोजन, विभागीय कार्य, कागजी प्रक्रिया और विभिन्न बैठकों में भाग लेना पड़ता है, जिससे बच्चों की पढ़ाई पूरी तरह प्रभावित हो रही है। ग्रामीणों ने बताया कि इस समस्या के समाधान के लिए प्रखंड और जिला स्तर के अधिकारियों को आवेदन दिया गया है, लेकिन अब तक कोई पहल नहीं की गई है।
बैठक में अभिभावकों और ग्रामीणों ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि यदि एक सप्ताह के भीतर विद्यालय में शिक्षकों की व्यवस्था नहीं की गई, तो विद्यालय में ताला बंद कर दिया जाएगा और बच्चों को स्कूल भेजना बंद कर दिया जाएगा। ग्रामीणों का कहना है कि इस स्थिति में बच्चों का भविष्य अंधकारमय होता जा रहा है और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिलना संभव नहीं है।
बैठक में बैठक में मुख्य रूप से मुखिया करम सिंह मुंडा उपमुखिया सुखलाल मुंडा मनीषा मुंडा कुजरी मुंडा घनश्याम मुंडा देवनाथ मुंडा बिलोन मुंडा बैजनाथ दास सोनू मुंडा नवीन दास चंद्र सिंह मुंडा गोरी मुंडा गुरवारी मुंडा गोरी मुंडा गेंदा स्वांसी मोगरो मुंडा लीलमनी मुंडा गुरवारी मुंडा सूरजमानी मुंडा सरस्वती मुंडा सहित कई अभिभावक एवं ग्रामीण उपस्थित थे।


















