आदित्यपुर : करीब 395.15 करोड़ रुपये की लागत से निर्माणाधीन आदित्यपुर बृहद जलापूर्ति योजना वर्षों बाद भी पूरी नहीं हो सकी है, वर्ष 2018 में शुरू हुई इस महत्वाकांक्षी परियोजना को वर्ष 2021 तक पूरा किया जाना था, लेकिन लगातार विलंब और कार्य प्रगति की धीमी रफ्तार के कारण आज भी हजारों परिवार नियमित जलापूर्ति की प्रतीक्षा कर रहे हैं.
हाल ही में जिला प्रशासन, जुडको और निर्माण एजेंसी जिंदल के अधिकारियों के बीच हुई समीक्षा बैठक में दावा किया गया कि 31 जुलाई से सीतारामपुर डैम स्थित नए 30 एमएलडी जलशोधन संयंत्र से आदित्यपुर-2 क्षेत्र में जलापूर्ति शुरू कर दी जाएगी, हालांकि, स्थानीय स्तर पर मिल रही जानकारी और तकनीकी जानकारों की राय इससे अलग तस्वीर पेश कर रही है, बताया जा रहा है कि संयंत्र से जुड़े कई महत्वपूर्ण सिविल और मैकेनिकल कार्य अब भी पूर्ण नहीं हुए हैं, जिससे निर्धारित समयसीमा पर सवाल उठने लगे हैं.
आदित्यपुर-गम्हरिया विकास समिति ने परियोजना की प्रगति और निर्माण एजेंसी की कार्यशैली पर गंभीर चिंता जताई है, समिति के अध्यक्ष एवं आदित्यपुर नगर परिषद के पूर्व उपाध्यक्ष पुरेंद्र नारायण सिंह ने कहा कि यदि 31 जुलाई तक क्षेत्र के घरों में नियमित जलापूर्ति शुरू नहीं होती है तो जनता के सहयोग से चरणबद्ध जनआंदोलन चलाया जाएगा, इसकी शुरुआत 2 अगस्त को मौन जुलूस से की जाएगी.
पुराने जलापूर्ति सिस्टम के रखरखाव पर भी उठे सवाल
विकास समिति ने पुराने सीतारामपुर जलापूर्ति संयंत्र के संचालन एवं रखरखाव व्यवस्था की भी उच्चस्तरीय जांच की मांग की है, समिति का आरोप है कि रखरखाव मद में लगातार बढ़ते खर्च के बावजूद जलापूर्ति व्यवस्था में अपेक्षित सुधार नहीं दिख रहा है, पाइपलाइन लीकेज, आपूर्ति बाधित होने और बार-बार उत्पन्न होने वाली तकनीकी समस्याओं से उपभोक्ताओं को लगातार परेशानी उठानी पड़ रही है.
समिति ने नगर विकास विभाग के सचिव से मांग की है कि रखरखाव कार्यों पर अब तक हुए खर्च, स्वीकृत योजनाओं के क्रियान्वयन, पाइपलाइन मरम्मत, जल गुणवत्ता प्रबंधन तथा संचालन व्यवस्था की स्वतंत्र जांच कराई जाए, ताकि वास्तविक स्थिति जनता के सामने आ सके.
आदित्यपुर-1 की परियोजना भी अटकी
इधर आदित्यपुर-1 क्षेत्र को जलापूर्ति उपलब्ध कराने के लिए प्रस्तावित 60 एमएलडी जलशोधन संयंत्र भी विभिन्न प्रशासनिक एवं तकनीकी प्रक्रियाओं के कारण निर्धारित गति से आगे नहीं बढ़ पा रहा है, इससे पूरे क्षेत्र की पेयजल व्यवस्था पर दीर्घकालिक असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है.
विकास समिति ने कहा है कि पेयजल जैसी मूलभूत सुविधा को लेकर जनता लंबे समय से इंतजार कर रही है और अब परियोजना की प्रगति को लेकर स्पष्ट जवाबदेही तय किए जाने की आवश्यकता है, समिति ने जलापूर्ति शुरू होने तक जनहित में आंदोलन जारी रखने का ऐलान किया है.
प्रेस वार्ता में उदित यादव, देव प्रकाश, सत्येंद्र प्रभात, यदुनंदन राम, कुमार बिपिन बिहारी प्रसाद, विनोद कुमार सिंह, अवधेश कुमार, सिमरन मेहरा सहित कई सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित थे.

















