Advertisement
संजय
previous arrow
next arrow
दिल्सन
previous arrow
next arrow

कुचाई के मुंडा मानकी सभागार में प्रमंडलीय स्तर मानकी मुंडाओं का पी पेसा 1996‌ पर महत्वपूर्ण कार्यशाला का हुआ आयोजन

By Goutam

Published on:

 

 

जनसंवाद, खरसावां (उमाकांत कर): कुचाई के मुंडा-मानकी सभागार में मंगलवार को प्रमंडलीय स्तर पी-पेसा 1996 पर एक दिवसीय महत्वपूर्ण कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला की अध्यक्षता मंगल सिंह मानकी ने की कार्यशाला के दौरान वकस्त मुंडारी खुंटकट्टी रक्षा एवं विकास समिति 39 मौजा दलभंगा के निर्देशक मानसिंह मुंडा ने मानकी मुंडा हुकूकूनामा (रिकॉर्ड ऑफ़ राईट) के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान की।

Advertisement
Advertisement

Dayal Builder
Srinath

उन्होंने विशेष रूप से यह उल्लेख किया कि झारखंड सरकार द्वारा तैयार किया गया पैसा कानून पी-पेसा के अनुरूप नहीं है। उनका कहना था कि आदिवासियों के क्षेत्रीय परंपराओं और व्यवस्थाओं के अनुसार ही कानून को लागू किया जाना चाहिए। इस संदर्भ में झारखंड पेसा नियमावली में संशोधन की आवश्यकता पर बल देते हुए उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि झारखंड पेसा अधिनियम नियमावली में संशोधन कर पेसा के अनुरूप कोल्हान प्रमंडल में रूढ़ी परंपरा के अनुसार विल्किंसन रुल को शामिल किया जाना चाहिए। इससे क्षेत्र के आदिवासियों का समग्र विकास संभव हो सकेगा। उन्होंने यह भी कहा कि अपने क्षेत्र के स्वशासन व्यवस्था के अलावे मुंडा मानकी की विशेष स्थान की व्यवस्था होना चाहिए।

Advertisement

कार्यशाला में मुख्य रूप से मानसिंह मुंडा, सुरेश सोय, राजमोहन गुंदुवा, सुखाराम सोय, मनोज सोय, रामकृष्ण मुंडरी, सुजन सिंह सोय, मंगल सिंह मानकी, सुखराम मानकी, अशोक कुमार मानकी, मारवाड़ी हेंब्रम, राजकुमार नायक, देवेशचंद्र महतो, लक्ष्मी नारायण प्रधान, अनिल कुमार महांती, संतोष कुमार नायक, तुराम बोयपाई, बेंजामिन टूटी, कान्हु राम सोय आदि उपस्थित थे।

ताजा खबरें

WhatsApp