जनसंवाद, खरसावां (उमाकांत कर)। राज्य के विभिन्न जिलों में पदस्थापित नवनियुक्त सहायक आचार्यों के बकाया वेतन भुगतान का मामला विधानसभा में पहुंच गया है। कई सहायक आचार्यों के 8 से 11 माह पहले योगदान देने के बावजूद अब तक केवल चार माह का वेतन मिलने का मामला खरसावां विधायक दशरथ गागराई ने विधानसभा में उठाया। विधायक के सवाल के जवाब में स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग ने बकाया वेतन भुगतान को लेकर निर्देश जारी किए जाने की जानकारी दी है।
8 से 11 माह से लंबित है वेतन
विधायक दशरथ गागराई ने सरकार से सवाल किया कि राज्य के विभिन्न जिलों में पदस्थापित नवनियुक्त सहायक आचार्यों के वेतन भुगतान को लेकर प्राथमिक शिक्षा निदेशक की ओर से 8 जून 2026 को निर्देश जारी किया गया है या नहीं। सरकार ने जवाब में स्वीकार किया कि इस संबंध में निर्देश जारी किया गया है।
विधायक ने कहा कि कई सहायक आचार्यों ने 8 से 11 माह पूर्व योगदान दिया है, लेकिन उन्हें अब तक सिर्फ चार माह का वेतन ही मिल पाया है। उन्होंने योगदान की तिथि से लंबित वेतन के भुगतान को लेकर सरकार से स्थिति स्पष्ट करने की मांग की।
13 जुलाई को बकाया भुगतान के लिए निर्देश
विभाग की ओर से दिए गए लिखित जवाब में बताया गया कि प्राथमिक शिक्षा निदेशक के पत्रांक 1175, दिनांक 13 जुलाई 2026 के माध्यम से नवनियुक्त सहायक आचार्यों के बकाया वेतनादि के भुगतान के संबंध में निर्देश निर्गत किया गया है। विभाग के इस जवाब के बाद लंबे समय से बकाया वेतन की प्रतीक्षा कर रहे सहायक आचार्यों को राहत मिलने की उम्मीद बढ़ी है।
महीनों से सेवा दे रहे, भुगतान का इंतजार
नवनियुक्त सहायक आचार्यों की नियुक्ति के बाद वेतन भुगतान में देरी का मामला सामने आता रहा है। कई शिक्षक महीनों से विद्यालयों में अपनी सेवा दे रहे हैं, लेकिन उन्हें योगदान की अवधि के अनुरूप वेतन नहीं मिल पाया है।
विधानसभा में मामला उठाए जाने के बाद अब बकाया वेतन भुगतान की प्रक्रिया आगे बढ़ने की संभावना है। विधायक दशरथ गागराई ने सरकार से लंबित वेतन का शीघ्र भुगतान सुनिश्चित करने की मांग की है, ताकि लंबे समय से भुगतान का इंतजार कर रहे सहायक आचार्यों को राहत मिल सके।
















