जनसंवाद, खरसावां (उमाकांत कर)। राजनगर प्रखंड के बेलडीह गांव में आदिवासी हो समाज सागेन समिति के तत्वावधान में मागे पोरोब पर्व धूमधाम और पारंपरिक उत्साह के साथ मनाया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में विधायक दशरथ गागराई एवं समाजसेवी बासंती गागराई शामिल हुए।
समिति के सदस्यों ने अतिथियों का पारंपरिक आदिवासी रीति-रिवाजों के साथ स्वागत किया। इस अवसर पर विधायक दशरथ गागराई ने मांदर की थाप पर पारंपरिक नृत्य कर कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई।
अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि मागे पोरोब आदिवासी समाज का प्रमुख पर्व है, जो सामाजिक सद्भाव और भाईचारे को बढ़ावा देता है। उन्होंने लोगों से अपनी संस्कृति और परंपराओं को संरक्षित रखने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि आधुनिकता के दौर में भी अपनी सांस्कृतिक धरोहर को नहीं भूलना चाहिए, क्योंकि यही हमारी पहचान है।
विधायक ने शिक्षा और जागरूकता पर जोर देते हुए कहा कि समाज के बच्चों को शिक्षित करना बेहद जरूरी है, ताकि वे आगे बढ़कर समाज का नाम रोशन कर सकें। साथ ही भाषा और संस्कृति के संरक्षण के लिए ऐसे आयोजनों को आवश्यक बताया।
उन्होंने कहा कि मागे पर्व प्रकृति पूजा का प्रतीक है, जिसमें जल, जंगल और जमीन की आराधना की जाती है। यह पर्व समुदाय में एकता, सामूहिकता और सामाजिक जुड़ाव को दर्शाता है।
कार्यक्रम में विशू हेंब्रम, संजय हांसदा, मलिक तियू, तुड़का तियू, दिलीप तियू, नारायण हांसदा, सोम तियू, आशाई तियू, गोपी तियू, पुतुल हांसदा, प्रिया तियू, अजय हांसदा सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण एवं समाज के लोग उपस्थित रहे।




















