होम 

राज्य

नौकरी

राजनीति

देश दुनिया

योजना

खेल समाचार

टेक

जमशेदपुर

धर्म-समाज  

वेब स्टोरी 

---Advertisement---

Resized Sharma Furniture Banner 1-01-01
previous arrow
next arrow
01 (48)
previous arrow
next arrow

 

 

आदित्यपुर : रक्षा क्षेत्र में MSME क्रांति का बिगुल, आदित्यपुर से संजय सेठ का बड़ा ऐलान, 50% भागीदारी का लक्ष्य; झारखंड के उद्योगों को मिलेगा राष्ट्रीय मंच…

By Balram Panda

Published on:

 

---Advertisement---

NSU MA
previous arrow
next arrow
04
previous arrow
next arrow

 

आदित्यपुर / Balram Panda: देश को रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में केंद्र सरकार तेजी से आगे बढ़ रही है और आने वाले वर्षों में रक्षा उत्पादन में एमएसएमई तथा स्टार्टअप्स की भागीदारी को बढ़ाकर 50 प्रतिशत तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है, यह बात केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने बुधवार को आदित्यपुर स्थित सिंहभूम चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज (एसिया) भवन में आयोजित समारोह को संबोधित करते हुए कही.

मौका था जनवरी माह में ऑटो क्लस्टर परिसर में आयोजित ऐतिहासिक डिफेंस कंक्लेव की स्मारिका (पुस्तक) के लोकार्पण का, केंद्रीय मंत्री ने पुस्तक का विधिवत विमोचन करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत का रक्षा क्षेत्र अभूतपूर्व बदलाव के दौर से गुजर रहा है, आज देश रक्षा उपकरणों के आयातक से निर्यातक बनने की दिशा में तेजी से अग्रसर है और इसमें एमएसएमई सेक्टर की भूमिका लगातार मजबूत होती जा रही है.

उन्होंने कहा कि कुछ वर्ष पहले तक रक्षा क्षेत्र से जुड़े एमएसएमई और स्टार्टअप्स की संख्या महज दो हजार के आसपास थी, जो बढ़कर अब 2.32 लाख से अधिक हो चुकी है. यह देश के औद्योगिक विकास और आत्मनिर्भर भारत अभियान की बड़ी उपलब्धि है. सरकार अब रक्षा उत्पादन की सप्लाई चेन में छोटे और मध्यम उद्योगों की भागीदारी को और व्यापक बनाने के लिए कार्य कर रही है.

संजय सेठ ने झारखंड के उद्यमियों को बड़ी सौगात का संकेत देते हुए कहा कि रक्षा मंत्रालय देश के सफल एमएसएमई उद्यमों की सफलता की कहानियों को साझा करेगा, ताकि नए उद्योगों को प्रेरणा और दिशा मिल सके. इसके साथ ही झारखंड के उद्यमियों को देश के प्रमुख औद्योगिक एवं रक्षा उत्पादन केंद्रों का भ्रमण कराने की भी योजना है, जिससे वे आधुनिक तकनीक, नवाचार और उत्पादन प्रक्रियाओं को नजदीक से समझ सकें.

उन्होंने कहा कि झारखंड में औद्योगिक विकास की अपार संभावनाएं हैं और यहां के उद्यमियों को रक्षा उत्पादन क्षेत्र से जोड़ने के लिए केंद्र सरकार हरसंभव सहयोग देने को प्रतिबद्ध है. तकनीकी मार्गदर्शन, प्रशासनिक सहायता और नए अवसर उपलब्ध कराने के लिए रक्षा मंत्रालय निरंतर प्रयासरत है.

समारोह में उद्योग जगत के प्रतिनिधियों ने भी रक्षा क्षेत्र में स्थानीय उद्योगों की भागीदारी बढ़ाने और झारखंड को डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में विकसित करने की आवश्यकता पर जोर दिया. इस अवसर पर सिंहभूम चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज (एसिया) के अध्यक्ष इंदर अग्रवाल, महासचिव प्रवीण गुटगुटिया, ट्रस्टी राजीव रंजन, लघु उद्योग भारती के जिलाध्यक्ष विनोद शर्मा सहित बड़ी संख्या में उद्यमी, उद्योगपति एवं व्यवसायिक संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित थे.

 

Leave a Comment