जनसंवाद, खरसावां (उमाकांत कर)। सरायकेला-खरसावां जिले के पुलिस अधीक्षक के निर्देशानुसार रविवार को कुचाई प्रखंड क्षेत्र के दलभंगा साप्ताहिक बाजार में अफीम (पोस्ता) और गांजा की अवैध खेती की रोकथाम को लेकर जागरूकता अभियान चलाया गया। अभियान का नेतृत्व दलभंगा ओपी प्रभारी नरसिंह मुंडा ने किया।
पुलिस अधिकारियों और जवानों ने बाजार पहुंचे ग्रामीणों, किसानों, युवाओं और व्यापारियों को मादक पदार्थों की अवैध खेती के कानूनी प्रावधानों और इसके सामाजिक दुष्परिणामों की जानकारी दी। एनडीपीएस अधिनियम के तहत अफीम पोस्ता और गांजा के पौधों की अवैध खेती दंडनीय है।
अवैध खेती से दूर रहने की अपील
ओपी प्रभारी नरसिंह मुंडा ने कहा कि अफीम और गांजा की अवैध खेती कानूनन अपराध है। उन्होंने ग्रामीणों से ऐसी गतिविधियों से दूर रहने और अपने आसपास अवैध खेती की जानकारी मिलने पर तत्काल पुलिस को सूचना देने की अपील की।
उन्होंने कहा कि नशे का कारोबार समाज और युवाओं के भविष्य को प्रभावित करता है। इसके खिलाफ पुलिस प्रशासन के साथ आम लोगों की भागीदारी भी जरूरी है।
सूचना देने वालों की पहचान गोपनीय रखने की बात
नरसिंह मुंडा ने ग्रामीणों से अपील की कि यदि किसी क्षेत्र में अफीम, पोस्ता या गांजा की अवैध खेती की जानकारी मिले तो इसकी सूचना पुलिस को दें। उन्होंने कहा कि सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान गोपनीय रखी जाएगी।
पुलिस की ओर से अवैध खेती के खिलाफ लगातार अभियान चलाने और नियमानुसार कार्रवाई करने की बात कही गई।
वैकल्पिक खेती अपनाने का संदेश
जागरूकता अभियान के दौरान ग्रामीणों को वैकल्पिक खेती के माध्यम से आय बढ़ाने के लिए प्रेरित किया गया। साथ ही सरकारी कृषि योजनाओं और स्वरोजगार कार्यक्रमों का लाभ उठाने की जानकारी दी गई। पुलिस पदाधिकारियों ने परिवार और बच्चों को नशे से दूर रखने का भी संदेश दिया।
ग्रामीणों ने सहयोग का दिया भरोसा
दलभंगा साप्ताहिक बाजार में चलाए गए अभियान को ग्रामीणों का सकारात्मक समर्थन मिला। कई ग्रामीणों ने अवैध खेती और नशे के कारोबार की रोकथाम में पुलिस प्रशासन को सहयोग देने का भरोसा दिलाया।
पुलिस प्रशासन के अनुसार जिले में अफीम और गांजा की अवैध खेती के खिलाफ जागरूकता अभियान के साथ कानूनी कार्रवाई भी आगे जारी रहेगी।

















