जनसंवाद, जमशेदपुर। डिमना में प्रस्तावित अंतरराज्यीय बस टर्मिनल की जमीन पर कचरा डंपिंग को लेकर स्थानीय लोगों का विरोध तेज हो गया है। मंगलवार को एनएच-33 स्थित वसुंधरा एस्टेट के पास वसुंधरा एस्टेट विकास समिति के बैनर तले धरना-प्रदर्शन किया गया। सामाजिक कार्यकर्ता सौरभ विष्णु के नेतृत्व में हुए प्रदर्शन में 100 से अधिक स्थानीय लोग शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने कचरा डंपिंग तत्काल बंद करने और जमा कचरे की वैज्ञानिक तरीके से जांच व निस्तारण की मांग की।
एनजीटी के आदेश के बाद भी विवाद बरकरार
मामला पहले ही राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) तक पहुंच चुका है। 23 सितंबर 2026 को एनजीटी की पूर्वी क्षेत्र पीठ ने सौरभ विष्णु बनाम झारखंड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड मामले में संयुक्त समिति गठित कर स्थल की जांच के निर्देश दिए थे। समिति में सीपीसीबी, जेएसपीसीबी और पूर्वी सिंहभूम के जिला दंडाधिकारी के प्रतिनिधि शामिल हैं। समिति को स्थल का निरीक्षण कर तथ्यात्मक स्थिति की जांच और उपचारात्मक उपाय सुझाने हैं।
एनजीटी ने संबंधित अधिकारियों को ठोस कचरा प्रबंधन नियमों के अनुपालन और कचरे की अनधिकृत डंपिंग रोकने के निर्देश भी दिए हैं। मामले की अगली सुनवाई 2 दिसंबर 2026 को निर्धारित है।
स्थानीय लोगों ने उठाए पर्यावरणीय खतरे पर सवाल
प्रदर्शन के दौरान सौरभ विष्णु ने आरोप लगाया कि स्थानीय लोगों ने उन्हें बताया है कि कचरे को जमीन पर फैलाकर दबाया गया है। उन्होंने आशंका जताई कि इससे मिट्टी और भूजल पर पर्यावरणीय प्रभाव पड़ सकता है। उन्होंने स्थल की वैज्ञानिक जांच और कचरे के निस्तारण की स्थिति स्पष्ट करने की मांग की।
उन्होंने कहा कि शिकायतों, आरटीआई और एनजीटी की प्रक्रिया के बावजूद यदि केवल सफाई कर मामले को समाप्त करने की कोशिश की जाती है तो स्थानीय लोगों की चिंता दूर नहीं होगी। संयुक्त समिति के निरीक्षण और रिपोर्ट को लेकर अब लोगों की नजर बनी हुई है।
जांच नहीं हुई तो हाईवे जाम की चेतावनी
सौरभ विष्णु के अनुसार, स्थानीय लोगों ने कहा है कि यदि निर्धारित जांच के दौरान अधिकारी मौके पर पहुंचकर आवश्यक कार्रवाई नहीं करते हैं, तो वे आगे आंदोलन तेज करेंगे और हाईवे जाम करने का निर्णय ले सकते हैं।
हालांकि, मंगलवार का प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा। प्रदर्शनकारियों ने प्रस्तावित बस टर्मिनल की जमीन से कचरा हटाने और भविष्य में वहां दोबारा कचरा नहीं डालने की मांग की।
वार्ड पार्षद भी पहुंचे, आंदोलन को समर्थन
प्रदर्शन के दौरान वार्ड पार्षद भी मौके पर पहुंचे और स्थानीय लोगों की मांगों का समर्थन किया। लोगों ने कहा कि बस टर्मिनल के लिए चिन्हित जमीन का उपयोग कचरा डंपिंग के लिए नहीं होना चाहिए।
प्रदर्शन में पंकज तिवारी, बिनोद सिंह, डी.के. मिश्रा, बबलू सिंह, दीपक, के. वीरेंद्र, पी. सिंह, तरुण दुबे, सुबोध, दीपक तिवारी, राहुल, दुलाल, स्वरूप, किसिला देवी, सोनी देवी, चंदन, सोमू और गीता देवी समेत बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे।

















