जनसंवाद, जमशेदपुर। सिंहभूम चैम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री एवं जिला उद्योग केन्द्र द्वारा एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल फॉर हैण्डीक्राफ्ट के सहयोग से मंगलवार को चैम्बर भवन में “हस्तशिल्प निर्यात विपणन” विषय पर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य हस्तशिल्प, हथकरघा एवं टेक्सटाइल क्षेत्र से जुड़े उद्यमियों, निर्यातकों और कारीगरों को निर्यात बाजार की संभावनाओं तथा सरकारी योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराना था।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सिंहभूम चैम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के अध्यक्ष मानव केडिया ने कहा कि हस्तशिल्प, हैंडलूम और टेक्सटाइल क्षेत्र आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने कहा कि विकसित भारत-2047 के लक्ष्य को हासिल करने में भी इस क्षेत्र का बड़ा योगदान रहेगा। उन्होंने बताया कि एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल फॉर हैण्डीक्राफ्ट उद्यमियों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंच बनाने में सहयोग प्रदान कर रही है।
मानव केडिया ने कहा कि सिंहभूम चैम्बर स्थानीय उद्यमियों को प्रोत्साहित करने के लिए समय-समय पर ट्रेड फेयर और व्यावसायिक कार्यक्रमों का आयोजन करता है, जिससे उन्हें अपने उत्पादों के लिए बेहतर बाजार उपलब्ध हो सके।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जिला उद्योग केन्द्र के महाप्रबंधक रविशंकर प्रसाद ने झारखंड सरकार की औद्योगिक एवं टेक्सटाइल नीति की जानकारी देते हुए कहा कि राज्य सरकार उद्योगों और उद्यमियों को बेहतर सब्सिडी और प्रोत्साहन उपलब्ध करा रही है। उन्होंने कहा कि हैंडलूम, हैंडीक्राफ्ट और टेक्सटाइल क्षेत्र से जुड़े उद्यमी भी इन योजनाओं का लाभ उठाकर अपने व्यवसाय का विस्तार कर सकते हैं।
विशिष्ट अतिथि झारखंड उद्योग विभाग की सोनीधान ने पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से राज्य सरकार द्वारा हस्तशिल्प और हथकरघा क्षेत्र के विकास के लिए संचालित विभिन्न योजनाओं और पहलों की विस्तृत जानकारी दी।
एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल फॉर हैण्डीक्राफ्ट, पटना के सहायक प्रबंधक नितेश कुमार ने उद्यमियों को निर्यात बाजार की संभावनाओं, अंतरराष्ट्रीय व्यापार, सरकारी सहायता योजनाओं और विपणन रणनीतियों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि परिषद उद्यमियों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय ट्रेड फेयर में भाग लेने के अवसर प्रदान करती है तथा कई बार सब्सिडी या निःशुल्क स्टॉल की सुविधा भी उपलब्ध कराती है।
कार्यक्रम के दौरान आयोजित प्रश्नोत्तर सत्र में उद्यमियों ने अपनी व्यावसायिक चुनौतियों को साझा किया। एक जूट बैग व्यवसायी ने बताया कि उनके पास बाजार तो है, लेकिन जूट बैग की आपूर्ति के लिए उपयुक्त स्रोत उपलब्ध नहीं है। वहीं पोटका से आई एक महिला उद्यमी ने बताया कि वह जूट बैग का निर्माण करती हैं और उन्हें बाजार की आवश्यकता है। इस चर्चा के दौरान दोनों पक्षों के बीच संभावित व्यावसायिक सहयोग की संभावना भी बनी, जिसे कार्यक्रम की एक सकारात्मक उपलब्धि माना गया।
कार्यक्रम का संचालन चैम्बर के उपाध्यक्ष अनिल मोदी ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन उपाध्यक्ष अधिवक्ता राजीव अग्रवाल ने किया। कार्यक्रम में मानद महासचिव पुनीत कावंटिया, उपाध्यक्ष हर्ष बाकरेवाल, सचिव बिनोद शर्मा, कोषाध्यक्ष सीए अनिल रिंगसिया, बैंक ऑफ इंडिया के एलडीएम संजीव कुमार चौधरी सहित बड़ी संख्या में उद्यमी एवं हस्तशिल्प क्षेत्र से जुड़े प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
इस अवसर पर कला मंदिर, टाटा स्टील फाउंडेशन, आंजनेय बैम्बू क्लस्टर, वर्द्या एक्सिस एक्सपोर्ट्स, बुनकर एंड हस्तशिल्प, अविवा हैंडीक्राफ्ट्स, नीव हर्बल, शिवम कला केन्द्र, आदित्य इंटरप्राइजेज और वर्णवाल हैंडलूम सहित विभिन्न संस्थाओं एवं प्रतिष्ठानों के प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया।








