जनसंवाद, खरसावां (उमाकांत कर): खरसावां विधानसभा क्षेत्र में जर्जर और उपेक्षित ग्रामीण सड़कों की समस्या को लेकर विधायक दशरथ गागराई ने पहल की है। विधायक ने झारखंड सरकार के पथ निर्माण विभाग के सचिव को पत्र लिखकर क्षेत्र की महत्वपूर्ण ग्रामीण सड़कों को पथ निर्माण विभाग के अधीन शामिल कर उनके निर्माण और सुदृढ़ीकरण की मांग की है।
18 किमी सड़क को लेकर विधायक ने रखा प्रस्ताव
विधायक ने अपने पत्र में बताया कि छोटाबांबो से खरसावां, भाया बलियाटांड, गितीलता, जामडीह, चिरूडीह, छोटाचाकडीह, दलाईकेला, पदमपुर होते हुए बोरडा तक करीब 18 किलोमीटर लंबा पथ पथ प्रमंडल सरायकेला-खरसावां के अधीन है।
वहीं, चाईबासा नहर किनारे से उलीराजाबासा, पोटोबेडा, जामडीह, गालुडीह, रेगाडीह, कुंडीयामारचा, डीबरडीह होते हुए कुचाई थाना चौक तक करीब 35 किलोमीटर लंबा पथ भी संबंधित पथ प्रमंडल के अधीन आता है।
बरसात में बढ़ जाती है ग्रामीणों की परेशानी
विधायक ने कहा कि विधानसभा क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों में कई महत्वपूर्ण सड़कें वर्षों से जर्जर स्थिति में हैं। बरसात के दौरान इन सड़कों की हालत और खराब हो जाती है। इससे आम लोगों के साथ विद्यार्थियों, किसानों और मरीजों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
सड़कों की बदहाली का असर ग्रामीण क्षेत्रों के विकास कार्यों पर भी पड़ रहा है। कई गांवों में खराब सड़कें लोगों के लिए रोजमर्रा के आवागमन में बड़ी बाधा बनी हुई हैं। ग्रामीण सड़कों को विभाग के अधीन शामिल करने की मांग
दशरथ गागराई ने पथ निर्माण विभाग के सचिव से अनुरोध किया है कि खरसावां विधानसभा क्षेत्र की महत्वपूर्ण ग्रामीण सड़कों का सर्वेक्षण कराया जाए और आवश्यक सड़कों को पथ निर्माण विभाग के अधीन शामिल किया जाए। उन्होंने कहा कि विभाग के अधीन आने के बाद इन सड़कों का गुणवत्तापूर्ण निर्माण, सुदृढ़ीकरण और जरूरत के अनुसार चौड़ीकरण कराया जा सकेगा।
सड़क बेहतर होगी तो बढ़ेंगे विकास के अवसर
विधायक ने कहा कि बेहतर सड़क व्यवस्था किसी भी क्षेत्र के विकास की आधारशिला है। ग्रामीण सड़कों के मजबूत होने से शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, व्यापार और रोजगार से जुड़े अवसरों को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को आवागमन की बेहतर सुविधा मिलने से क्षेत्र के समग्र विकास को गति मिलेगी।
















