जनसंवाद, खरसावां (उमाकांत कर): खरसावां गोलीकांड की 78वीं शहादत दिवस के अवसर पर राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, गांडेय विधायक कल्पना सोरेन, खरसावां विधायक दशरथ गागराई एवं उनके परिवार सहित राज्य के कई मंत्री, सांसद और विधायक खरसावां शहीद स्थल पहुंचे और अमर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने शहीद स्मारक (शहीद बेदी) एवं वीर शहीद केरसे मुंडा चौक स्थित शहीद स्मृति-चिह्न पर पुष्प अर्पित कर शहीदों को भावभीनी श्रद्धांजलि दी। विधायक दशरथ गागराई ने कहा कि जनवरी 1948 में खरसावां हाट में हुआ गोलीकांड आज़ाद भारत का सबसे बड़ा नरसंहार था, जिसमें जल-जंगल-जमीन और आदिवासी अस्मिता की रक्षा के लिए शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे हजारों निहत्थे आदिवासी शहीद हुए। यह घटना आदिवासी संघर्ष, आत्मसम्मान और अधिकारों की लड़ाई का अमिट प्रतीक है।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि खरसावां के वीर शहीदों के वंशजों की पहचान कर उन्हें सम्मानित करने के लिए एक विशेष आयोग का गठन किया जाएगा। इस आयोग में सेवानिवृत्त न्यायाधीश, सामाजिक कार्यकर्ता एवं जनप्रतिनिधि शामिल होंगे, जो ऐतिहासिक दस्तावेजों एवं स्थानीय परंपराओं के आधार पर शहीद परिवारों की पहचान करेंगे। उन्होंने कहा कि यह पहल केवल श्रद्धांजलि नहीं, बल्कि इतिहास संरक्षण और सामाजिक न्याय की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
मुख्यमंत्री ने झारखंड आंदोलन के पथप्रदर्शक बाबा शिबू सोरेन को नमन करते हुए कहा कि उन्होंने आदिवासी समाज को आत्मसम्मान और अधिकारों की पहचान दी। उन्होंने यह भी कहा कि पेसा कानून लागू होने से ग्राम स्वराज सशक्त होगा और ग्रामसभाओं को जल-जंगल-जमीन पर अधिकार मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने झारखंड के 25 वर्ष पूर्ण होने पर राज्य के विकास, शिक्षा, युवा एवं महिला सशक्तिकरण योजनाओं की जानकारी देते हुए युवाओं से शहीदों के आदर्शों पर चलने का आह्वान किया।
इस कार्यक्रम में मंत्री दीपक बिरूवा, सांसद जोबा मांझी, सांसद कालीचरण मुंडा, विधायक सुखराम उरांव, जगत माझी, समीर महांती, सविता महतो, जिला अध्यक्ष डॉ. शुभेंदु महतो, समाजसेवी बासंती गागराई सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी एवं हजारों श्रद्धालु उपस्थित रहे।



















