Advertisement

Breakingसरायकेला : मंडल कारागार में व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल, सजा काट चुके बंदियों के ट्रांसफर में देरी और महंगी खैनी की चर्चा….

By Balram Panda

Published on:

सरायकेला / Balram Panda : मंडल कारागार की व्यवस्था को लेकर इन दिनों कई गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। जानकारी के अनुसार कारागार में ऐसे कई बंदी अभी भी रखे गए हैं जिनकी सजा 7 वर्ष या उससे अधिक हो चुकी है, जबकि नियम के मुताबिक ऐसे सजायाफ्ता कैदियों को मंडल कारागार से स्थानांतरित कर सेंट्रल जेल भेजा जाना चाहिए.

Advertisement
Advertisement

सूत्रों के अनुसार लंबे समय से सजायाफ्ता बंदियों का सेंट्रल जेल में ट्रांसफर नहीं होने को लेकर जेल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। आमतौर पर मंडल कारागार में विचाराधीन बंदियों या कम अवधि की सजा पाए कैदियों को ही रखा जाता है, जबकि अधिक अवधि की सजा पाने वाले कैदियों को केंद्रीय कारागार में स्थानांतरित करने का प्रावधान है.

Srinath

इधर कारागार के अंदर बंदियों को मिलने वाली सामग्री की कीमतों को लेकर भी चर्चा तेज है। सूत्रों का दावा है कि जेल परिसर के भीतर झारखंड खैनी की एक पुड़िया लगभग तीन हजार रुपये तक में बेची जा रही है। यदि यह सच है तो यह व्यवस्था और निगरानी तंत्र पर गंभीर सवाल खड़े करता है.

Advertisement

कारागार के अंदर इस तरह की कथित अव्यवस्था आखिर किसके संरक्षण में चल रही है, यह भी चर्चा का विषय बना हुआ है. जानकारों का मानना है कि यदि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए तो कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आ सकते हैं.

स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए उच्च प्रशासन से जांच की मांग की है, ताकि मंडल कारागार की व्यवस्था को पारदर्शी और नियमसम्मत बनाया जा सके. साथ ही यह भी अपेक्षा की जा रही है कि नियम के अनुरूप सजायाफ्ता बंदियों को शीघ्र सेंट्रल जेल में स्थानांतरित किया जाए और कारागार के अंदर चल रही कथित अनियमितताओं पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए.

ताजा खबरें

WhatsApp