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राजखरसावां रेलवे स्टेशन का बदलेगा स्वरूप, अमृत भारत योजना के तहत 30 करोड़ से होगा पुनर्विकास

By Goutam

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राजखरसावां रेलवे स्टेशन

जनसंवाद, खरसावां (उमाकांत कर): अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत झारखंड के राजखरसावां रेलवे स्टेशन का व्यापक पुनर्विकास किया जा रहा है। स्टेशन को आधुनिक यात्री सुविधाओं से लैस करने के लिए करीब 30 करोड़ रुपये की लागत से विकास कार्य तेजी से चल रहे हैं। यह जानकारी रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने लोकसभा में सांसद कालीचरण मुंडा के अतारांकित प्रश्न के लिखित उत्तर में दी।

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लोकसभा में सांसद कालीचरण मुंडा ने उठाया मुद्दा

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सांसद कालीचरण मुंडा ने पूछा था कि क्या प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 6 अगस्त 2023 को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत राजखरसावां रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास की आधारशिला रखी थी। उन्होंने यह भी जानना चाहा कि क्या लगभग 30 करोड़ रुपये की लागत से स्टेशन भवन के पुनर्निर्माण और आधुनिक सुविधाओं का विकास किया जा रहा है।

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स्टेशन पर मिलेंगी आधुनिक यात्री सुविधाएं

रेल मंत्री ने बताया कि अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत स्टेशन पर नया स्टेशन भवन, आधुनिक प्रतीक्षालय, शौचालय, पार्किंग, परिसंचारी क्षेत्र, बेहतर पहुंच मार्ग, प्लेटफॉर्म विस्तार, प्लेटफॉर्म सतह सुधार, 12 मीटर चौड़ा फुट ओवरब्रिज, लिफ्ट, एस्केलेटर, सौंदर्यीकरण तथा दिव्यांग यात्रियों के लिए विशेष सुविधाएं विकसित की जा रही हैं।

पहले से उपलब्ध हैं कई सुविधाएं

रेल मंत्रालय के अनुसार राजखरसावां स्टेशन पर पहले से उच्च स्तरीय प्लेटफॉर्म, प्लेटफॉर्म शेल्टर, प्रतीक्षालय, पेयजल, शौचालय, बैठने की व्यवस्था और फुट ओवरब्रिज जैसी सुविधाएं मौजूद हैं। पुनर्विकास के बाद यात्रियों को और बेहतर एवं आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी।

झारखंड के 57 स्टेशन योजना में शामिल

रेल मंत्रालय ने बताया कि देशभर के 1340 रेलवे स्टेशनों को अमृत भारत स्टेशन योजना में शामिल किया गया है। इनमें झारखंड के 57 स्टेशन शामिल हैं। राजखरसावां के अलावा टाटानगर, चक्रधरपुर, चाईबासा, चांडिल, रांची, घाटशिला, देवघर, धनबाद, साहिबगंज, सीनी, रामगढ़ कैंट सहित कई प्रमुख स्टेशन इस योजना का हिस्सा हैं।

15 स्टेशनों का विकास कार्य पूरा

रेल मंत्रालय के अनुसार झारखंड में अब तक 15 रेलवे स्टेशनों का पुनर्विकास कार्य पूरा किया जा चुका है। इनमें चाईबासा, चांडिल, गिरिडीह, गोड्डा, गोविंदपुर रोड, कतरासगढ़, लोहरदगा, मधुपुर जंक्शन, मुरी जंक्शन, पाकुड़, पिस्का, राजमहल, रामगढ़ कैंट, साहिबगंज और शंकरपुर स्टेशन शामिल हैं।

रांची समेत अन्य स्टेशनों पर भी तेजी से काम

रांची रेलवे स्टेशन पर नए स्टेशन भवन, अतिरिक्त प्लेटफॉर्म, फुट ओवरब्रिज विस्तार, पार्किंग, विद्युत उपकेंद्र, जल भंडारण टैंक और सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट सहित कई विकास कार्य जारी हैं। रेल मंत्री ने कहा कि स्टेशनों का विकास प्राथमिकता, यात्री संख्या और उपलब्ध बजट के अनुसार चरणबद्ध तरीके से किया जा रहा है।

पुनर्विकास में तकनीकी चुनौतियां भी

रेल मंत्रालय ने बताया कि चालू रेलवे स्टेशनों के पुनर्विकास के दौरान यात्रियों की आवाजाही प्रभावित किए बिना निर्माण कार्य करना, बिजली एवं सिग्नल लाइनों का स्थानांतरण, विभिन्न विभागों से अनुमति प्राप्त करना और रेल परिचालन को सुचारु बनाए रखना बड़ी चुनौतियां हैं। इन कारणों से कई बार परियोजनाओं की गति प्रभावित होती है।

रेलवे जोनों को मिला 1199 करोड़ रुपये का बजट

वित्त वर्ष 2026-27 में झारखंड से जुड़े दक्षिण पूर्व रेलवे, पूर्व रेलवे और पूर्व मध्य रेलवे के लिए अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत 1199 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इनमें से जून 2026 तक 526 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं।

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