जनसंवाद, खरसावां (उमाकांत कर)। मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना के तहत कुचाई प्रखंड में बुधवार को ग्रामीणों को स्वरोजगार से जोड़ने और उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत बनाने के उद्देश्य से बकरी-बकरा वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान कुल 16 चयनित लाभुकों के बीच आठ बकरी और दो बकरा वितरित किए गए। इनमें कुचाई प्रखंड मुख्यालय परिसर में चार तथा रूगुडीह पंचायत के बिरगामडीह बिरहोर कॉलोनी में 12 लाभुकों को योजना का लाभ मिला।
वितरण कार्यक्रम में विधायक प्रतिनिधि धर्मेंद्र सिंह मुंडा, बीडीओ साधुचरण देवगम, जिला परिषद सदस्य जींगी हेंब्रम तथा प्रखंड पशुपालन पदाधिकारी शंकर कुमार सिंह ने संयुक्त रूप से लाभुकों को बकरी-बकरा सौंपा। इस अवसर पर लाभुकों को पशुपालन के माध्यम से आत्मनिर्भर बनने और अपनी आय बढ़ाने के लिए प्रेरित किया गया।
विधायक प्रतिनिधि धर्मेंद्र सिंह मुंडा ने कहा कि राज्य सरकार ग्रामीण क्षेत्रों के गरीब और जरूरतमंद परिवारों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए लगातार कल्याणकारी योजनाएं संचालित कर रही है। मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना भी इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने कहा कि बकरी पालन कम लागत में अधिक आय देने वाला व्यवसाय है, जिससे ग्रामीण परिवारों की आर्थिक स्थिति मजबूत हो सकती है।
बीडीओ साधुचरण देवगम ने कहा कि सरकार की योजनाओं का उद्देश्य केवल सहायता प्रदान करना नहीं, बल्कि लोगों को आत्मनिर्भर बनाना है। उन्होंने लाभुकों से पशुओं की समुचित देखभाल, नियमित टीकाकरण और पशुपालन विभाग के दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की। उन्होंने कहा कि मेहनत और सही प्रबंधन से पशुपालन आय का स्थायी स्रोत बन सकता है।
प्रखंड पशुपालन पदाधिकारी शंकर कुमार सिंह ने लाभुकों को पशुओं के रखरखाव, पोषण और स्वास्थ्य संबंधी आवश्यक जानकारी दी। उन्होंने बताया कि योजना का उद्देश्य जरूरतमंद परिवारों को स्वरोजगार उपलब्ध कराना और उनकी आजीविका को मजबूत बनाना है। किसी भी समस्या की स्थिति में लाभुक विभाग से संपर्क कर सकते हैं।
जिला परिषद सदस्य जींगी हेंब्रम ने कहा कि बिरहोर समुदाय सहित ग्रामीण क्षेत्रों के जरूरतमंद परिवारों तक योजना का लाभ पहुंचना सकारात्मक पहल है। इससे आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे और उनकी आय में वृद्धि होगी।
कार्यक्रम के दौरान लाभुकों ने सरकार और प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस योजना से उन्हें स्वरोजगार का बेहतर अवसर मिला है। मौके पर पंचायत प्रतिनिधि, विभागीय कर्मी तथा बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना के तहत हुए इस वितरण कार्यक्रम को ग्रामीण आजीविका सशक्तीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
















