जनसंवाद, खरसावां (उमाकांत कर)। TRCSC संस्था की स्वयं (SWAYAM) परियोजना के तहत मंगलवार को कुचाई प्रखंड सभागार में कार्यक्रम आयोजित कर ‘स्वयं संवाद’ पुस्तक का विमोचन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रखंड विकास पदाधिकारी साधुचरण देवगम ने की। पुस्तक का मुख्य विषय बाल अधिकार, बाल संरक्षण एवं बाल विकास के लिए जीवन कौशल है।
कार्यक्रम की शुरुआत अतिथियों द्वारा पुस्तक के विधिवत विमोचन के साथ हुई। इस दौरान वक्ताओं ने कहा कि बच्चों का सर्वांगीण विकास समाज की प्रगति का आधार है। बच्चों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने, सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने और जीवन कौशल से सशक्त बनाने की आवश्यकता है।
बच्चों की सुरक्षा और विकास सामूहिक जिम्मेदारी
अध्यक्षीय संबोधन में बीडीओ साधुचरण देवगम ने कहा कि बाल अधिकारों की रक्षा और बच्चों के समुचित विकास के लिए समाज के सभी वर्गों को मिलकर काम करना होगा। उन्होंने कहा कि बच्चों को शिक्षा, सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं विकास के अवसर उपलब्ध कराना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की पुस्तकों के माध्यम से लोगों में जागरूकता बढ़ेगी और बाल संरक्षण से जुड़े विषयों को समझने में मदद मिलेगी।
जीवन कौशल से बच्चों को बनाया जाएगा जागरूक और आत्मविश्वासी
स्वयं परियोजना की सलाहकार रजत मित्र ने पुस्तक के उद्देश्य और महत्व की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि ‘स्वयं संवाद’ में बच्चों के अधिकार, संरक्षण और जीवन कौशल विकास से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि बच्चों को आत्मविश्वासी, जागरूक और जिम्मेदार नागरिक बनाने के लिए जीवन कौशल शिक्षा जरूरी है। पुस्तक में ऐसे विषयों को शामिल किया गया है, जो बच्चों को अपने अधिकार समझने और सुरक्षित रहने में मदद करेंगे।
गांवों और समुदायों में चल रहे जागरूकता कार्यक्रम
परियोजना समन्वयक गौरिका गिरि ने कहा कि स्वयं परियोजना का उद्देश्य बच्चों और किशोरों के समग्र विकास को बढ़ावा देना है। परियोजना के तहत विभिन्न गांवों और समुदायों में बाल अधिकार एवं संरक्षण को लेकर जागरूकता कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं।
उन्होंने उम्मीद जताई कि ‘स्वयं संवाद’ पुस्तक बाल अधिकारों और संरक्षण के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ाने का प्रभावी माध्यम बनेगी।
कार्यकर्ताओं ने साझा किए अनुभव
कार्यक्रम में स्वयं परियोजना से जुड़ी कार्यकर्ताओं ने बाल संरक्षण एवं बाल विकास से जुड़े अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने समाज में बाल अधिकारों को लेकर जागरूकता बढ़ाने के लिए लगातार कार्य करने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम में मुख्य रूप से बीडीओ साधुचरण देवगम, रजत मित्र, गौरिका गिरि सहित स्वयं परियोजना से जुड़े सभी कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
















