जनसंवाद, खरसावां (उमाकांत कर)। कुचाई प्रखंड मुख्यालय स्थित बिरसा स्टेडियम में शनिवार को आयोजक समिति कुचाई के तत्वावधान में विश्व आदिवासी दिवस धूमधाम से मनाया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में आदिवासी समाज के महिला-पुरुष, युवा और बुजुर्ग पारंपरिक वेशभूषा में शामिल हुए। पूरे स्टेडियम में आदिवासी संस्कृति, परंपरा और लोककला की झलक देखने को मिली।
पारंपरिक वेशभूषा में पहुंचे लोग
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि खरसावां विधायक दशरथ गागराई रहे। उनके साथ समाजसेवी बासंती गागराई और प्रख्यात साहित्यकार डोबरो बुडीउली भी पारंपरिक वेशभूषा में शामिल हुए। अतिथियों का पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ स्वागत किया गया।
मांदर-नगाड़े की थाप पर झूमे लोग
विश्व आदिवासी दिवस पर विभिन्न गांवों से आए कलाकारों ने पारंपरिक नृत्य और लोकगीत प्रस्तुत किए। मांदर, नगाड़ा और अन्य पारंपरिक वाद्ययंत्रों की थाप पर कलाकारों की प्रस्तुतियों ने पूरे माहौल को उत्सव में बदल दिया।
विधायक ने हो भाषा में गीत गाकर बांधा समां
अपने संबोधन से पहले विधायक दशरथ गागराई ने हो भाषा में ‘दिशुमे दायकेन सिंह बुंगा’ पारंपरिक गीत प्रस्तुत किया। गीत शुरू होते ही पूरा स्टेडियम तालियों से गूंज उठा। कई लोग विधायक के साथ झूमते और ताल मिलाते नजर आए। उनके इस सांस्कृतिक जुड़ाव की लोगों ने सराहना की।
जल, जंगल और जमीन हमारी धरोहर: दशरथ गागराई
विधायक दशरथ गागराई ने विश्व आदिवासी दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आदिवासी समाज की पहचान उसकी संस्कृति, परंपरा, भाषा और प्रकृति से जुड़ी जीवनशैली है। जल, जंगल और जमीन केवल संसाधन नहीं, बल्कि आदिवासी समाज की संस्कृति, परंपरा और जीवन का आधार हैं।
उन्होंने कहा कि इन प्राकृतिक संसाधनों को बचाना और आने वाली पीढ़ियों तक सुरक्षित पहुंचाना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने युवाओं से अपनी मातृभाषा, संस्कृति और इतिहास को जानने तथा उसे आगे बढ़ाने का आह्वान किया।
आदिवासी महिलाओं की भूमिका पर भी हुई चर्चा
समाजसेवी बासंती गागराई ने आदिवासी महिलाओं की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए समाज के विकास में उनकी भागीदारी को महत्वपूर्ण बताया। साहित्यकार डोबरो बुडीउली ने आदिवासी भाषा, साहित्य और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण की आवश्यकता पर जोर दिया।
उत्कृष्ट कार्य करने वालों को किया सम्मानित
कार्यक्रम के अंत में समाज के विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले लोगों को सम्मानित किया गया। आयोजन ने आदिवासी समाज की एकता, संस्कृति और परंपराओं के प्रति सम्मान और गौरव की भावना को और मजबूत किया।
ये भी थे मौजूद
कार्यक्रम में विधायक दशरथ गागराई, समाजसेवी बासंती गागराई, सांसद प्रतिनिधि मानसिंह मुंडा, विधायक प्रतिनिधि धर्मेंद्र सिंह मुंडा, भरत सिंह मुंडा, मुन्ना सोय, मुखिया मंगल सिंह मुंडा, मुखिया लुदरी हेंब्रम, राहुल सोय, दशरथ उरांव, चंद्रमोहन मुंडा, लालमुनी सामाड, घनश्याम सोय, कारू मुंडा, पार्वती गागराई, लखीराम मुंडा, वर्षा रानी बांकिरा, गोपाल सिंह मुंडा, विकास गोप, वनवारी लाल सोय, मधु मुंडा, स्टीफन मुंडा, ग्रीस सोय, कृष्ण मुंडा सहित बड़ी संख्या में आदिवासी महिला-पुरुष और बच्चे मौजूद रहे।

















