जनसंवाद, कोलकाता/जमशेदपुर। दक्षिण पूर्व रेलवे की क्षेत्रीय रेल उपयोगकर्ता परामर्शदात्री समिति (ZRUCC) की 106वीं बैठक बुधवार को कोलकाता के ताज बंगाल होटल में सांसद बिद्युत बरण महतो की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक का शुभारंभ दक्षिण पूर्व रेलवे के महाप्रबंधक अनिल कुमार जैन ने सभी सदस्यों का स्वागत कर किया। बैठक में विभिन्न क्षेत्रों के रेल उपयोगकर्ता प्रतिनिधियों ने अपने-अपने क्षेत्रों से जुड़े मुद्दे उठाए, जिन पर रेलवे अधिकारियों ने लिखित एवं मौखिक रूप से जवाब दिया।
बैठक में सांसद बिद्युत बरण महतो ने चक्रधरपुर रेल मंडल में ट्रेनों की समयपालन व्यवस्था, रेलवे अधोसंरचना विकास और नई ट्रेन सेवाओं सहित कई महत्वपूर्ण विषयों को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि चक्रधरपुर रेल मंडल में ट्रेनों के संचालन और समय-सारणी में पहले की तुलना में सुधार हुआ है, लेकिन अभी और सुधार की आवश्यकता है। इस पर रेलवे महाप्रबंधक ने बताया कि समयपालन को बेहतर बनाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं और जल्द ही यात्रियों को और बेहतर परिणाम देखने को मिलेंगे।
बैठक में बारीगोड़ा और गोविंदपुर रेलवे ओवरब्रिज के निर्माण का मुद्दा भी उठाया गया। रेलवे प्रबंधन ने जानकारी दी कि दोनों परियोजनाओं के लिए निविदा जारी की जा चुकी है और 12 मई 2026 को टेंडर खोला गया था। वर्तमान में आवश्यक प्रक्रियाएं जारी हैं तथा जल्द ही निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
सांसद महतो ने टाटानगर से चलने वाली कुछ महत्वपूर्ण ट्रेनों को आदित्यपुर स्थानांतरित किए जाने की चर्चाओं पर भी स्पष्टीकरण मांगा। रेलवे अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि टाटानगर से किसी भी ट्रेन को स्थानांतरित करने का कोई प्रस्ताव नहीं है और वर्तमान में टाटानगर से संचालित सभी ट्रेनें यथावत चलती रहेंगी।
सलगाजोड़ी अंडरपास के संबंध में रेलवे प्रबंधन ने बताया कि इसका निर्माण कार्य नवंबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। वहीं टाटानगर रेलवे स्टेशन के सेकंड एंट्री गेट पर ड्रॉपिंग लाइन की सुविधा स्टेशन अपग्रेडेशन परियोजना के तहत विकसित की जाएगी।
सांसद ने टाटानगर-बादामपहाड़ रेलखंड पर मकदमपुर के पास रेलवे ओवरब्रिज (ROB) निर्माण की प्रगति की जानकारी भी ली। रेलवे अधिकारियों ने बताया कि परियोजना की विस्तृत रिपोर्ट (DPR) तैयार की जा रही है और जल्द ही इसे स्वीकृति के लिए आगे बढ़ाया जाएगा।
बैठक में सांसद महतो ने टाटानगर से नई ट्रेन सेवाओं की मांग रखते हुए आनंद विहार-पुरुलिया एक्सप्रेस को टाटानगर तक विस्तारित करने, टाटा-काटपाड़ी ट्रेन को तिरुपति-बेंगलुरु तक बढ़ाने तथा टाटा से पटना के लिए नियमित ट्रेन चलाने का प्रस्ताव रखा। रेलवे प्रबंधन ने बताया कि टाटानगर स्टेशन पर टर्मिनल और रखरखाव सुविधाएं सीमित होने के कारण फिलहाल यह संभव नहीं है।
हालांकि रेलवे अधिकारियों ने बताया कि टाटानगर के समीप हल्दीपोखर से पहले एक नए कोचिंग टर्मिनल के निर्माण की योजना रेलवे बोर्ड को भेजी गई है। इसके लिए 15 अप्रैल 2026 को अंतिम स्थान सर्वेक्षण (FLS) की मंजूरी भी मिल चुकी है। भविष्य में इस टर्मिनल के बनने के बाद नई ट्रेनों और विस्तारित सेवाओं के संचालन का मार्ग प्रशस्त होगा।
सांसद बिद्युत बरण महतो ने गीतांजलि एक्सप्रेस, वंदे भारत एक्सप्रेस, संतरागाछी-अजमेर एक्सप्रेस, समलेश्वरी एक्सप्रेस और आजाद हिंद एक्सप्रेस का घाटशिला स्टेशन पर ठहराव देने की मांग भी रखी। रेलवे अधिकारियों ने बताया कि यह मामला रेलवे बोर्ड के अधिकार क्षेत्र में है और प्रस्ताव बोर्ड को भेजा जा चुका है।
इसके अलावा टाटानगर-थावे एक्सप्रेस को आनंदनगर होते हुए बढ़नी तक विस्तारित करने की मांग पर रेलवे ने बताया कि यह विषय उत्तर पूर्व रेलवे के अधिकार क्षेत्र से जुड़ा है और संबंधित जोन को इस संबंध में पत्र भेजा गया है।
सांसद ने कोरोना काल में बंद की गई लोकल ट्रेनों को पुनः शुरू करने की मांग भी रखी। रेलवे प्रबंधन ने इस प्रस्ताव पर विचार करने का आश्वासन दिया।
बैठक के दौरान सांसद बिद्युत बरण महतो ने दानकुनी-सूरत डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (DFC) परियोजना शुरू करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह परियोजना दक्षिण पूर्व रेलवे की माल ढुलाई क्षमता बढ़ाने और यात्रियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने में मील का पत्थर साबित होगी। साथ ही उन्होंने लंबे समय से लंबित कांड्रा-नामकुम रेल लाइन परियोजना को भी शीघ्र शुरू करने की मांग उठाई।








