जनसंवाद, चांडिल। नारायण प्राइवेट आईटीआई, लुपुंगडीह, चांडिल में भारत के लौह पुरुष एवं देश के प्रथम उप प्रधानमंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई गई। इस अवसर पर संस्थान के संस्थापक डॉ. जटाशंकर पाण्डेय ने सरदार पटेल के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी।
डॉ. जटाशंकर पाण्डेय ने कहा कि सरदार वल्लभभाई पटेल का जन्म 31 अक्टूबर 1875 को गुजरात के नडियाद में हुआ था। वे महान स्वतंत्रता सेनानी, कुशल प्रशासक और दूरदर्शी राष्ट्रनिर्माता थे। उन्होंने महात्मा गांधी के नेतृत्व में खेड़ा सत्याग्रह, बारडोली सत्याग्रह तथा भारत छोड़ो आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। बारडोली सत्याग्रह में किसानों के अधिकारों के लिए संघर्ष के बाद उन्हें ‘सरदार’ की उपाधि मिली।
उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद सरदार पटेल भारत के प्रथम उप प्रधानमंत्री एवं गृह मंत्री बने। उस समय देश में 560 से अधिक देशी रियासतें थीं। सरदार पटेल ने अपनी दृढ़ इच्छाशक्ति, कूटनीति और कुशल नेतृत्व से इन रियासतों को भारतीय संघ में शामिल कराने में ऐतिहासिक भूमिका निभाई। उनके अथक प्रयासों से भारत की एकता और अखंडता को मजबूती मिली। इसी महान योगदान के कारण उन्हें ‘भारत का लौह पुरुष’ कहा जाता है।
डॉ. पाण्डेय ने कहा कि सरदार पटेल का जीवन राष्ट्रप्रेम, अनुशासन, साहस, एकता और समर्पण की सीख देता है। आज के युवाओं एवं विद्यार्थियों को उनके आदर्शों से प्रेरणा लेकर देश के विकास और समाज के निर्माण में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभानी चाहिए।
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित लोगों ने सरदार वल्लभभाई पटेल के बताए मार्ग पर चलने तथा देश की एकता, अखंडता और सामाजिक सद्भाव बनाए रखने का संकल्प लिया।
इस अवसर पर मुख्य रूप से प्राचार्य जयदीप पांडे, शांति राम महतो, भगत लाल तेली, देवाशीष मंडल, शशि प्रकाश महतो, निकिता गोराई, पवन महतो और लक्ष्मी महतो सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे।

















