सरायकेला : जिले में अवैध खनन, खनिजों के अवैध परिवहन और भंडारण पर प्रशासन ने सख्ती बढ़ाने का फैसला लिया है, जिला दण्डाधिकारी-सह-उपायुक्त नीतिश कुमार सिंह की अध्यक्षता में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जिला स्तरीय खनन टास्क फोर्स की बैठक हुई, पुलिस अधीक्षक मनोज सर्वागिंयारी की मौजूदगी में हुई बैठक में पूर्व में जारी निर्देशों के अनुपालन और अवैध खनन के खिलाफ की गयी कार्रवाई की विस्तृत समीक्षा की गयी.
बैठक में जिला खनन पदाधिकारी ज्योति शंकर सतपथी ने बताया कि 22 जून से 21 अगस्त 2026 तक करीब 3.50 लाख घनफीट बालू से संबंधित मामलों में कार्रवाई की गयी, इस दौरान 14 वाहनों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई करते हुए 12.91 लाख रुपये की राशि वसूल की गयी, जबकि एक प्राथमिकी/शिकायतवाद भी दर्ज किया गया, कार्रवाई के दौरान अवैध क्वार्जाइट पत्थर के उत्खनन एवं खनिज परिवहन से जुड़े तीन ट्रैक्टर, पांच हाइवा और एक 407 वाहन के खिलाफ भी कार्रवाई की गयी.
नदी घाटों पर सतत निगरानी के निर्देश
उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि अवैध खनन, विशेषकर बालू के अवैध उत्खनन और परिवहन पर प्रभावी नियंत्रण के लिए नियमित जांच और सघन छापेमारी अभियान चलाया जाए, एनजीटी के निर्देशों के अनुरूप निर्धारित अवधि में नदी से बालू के अवैध उत्खनन और उठाव पर पूर्ण रोक सुनिश्चित करने को कहा गया, नदी घाटों और चिन्हित संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखने तथा अवैध गतिविधि मिलने पर संबंधित व्यक्ति और वाहन के खिलाफ तत्काल नियमानुसार कार्रवाई के निर्देश दिए गये.
अनुमंडल पदाधिकारी और अनुमंडल पुलिस पदाधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्र में नियमित मॉनिटरिंग करने तथा खनन, अंचल और परिवहन विभाग के साथ समन्वय बनाकर कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया। वहीं, अंचल अधिकारियों और थाना प्रभारियों को अपने क्षेत्रों में नियमित जांच एवं छापेमारी अभियान चलाने का निर्देश दिया गया.
सूचना मिले तो तत्काल होगी कार्रवाई
उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि अवैध खनन अथवा खनिज परिवहन से संबंधित किसी भी शिकायत या सूचना को लंबित नहीं रखा जाए, सूचना मिलते ही स्थल जांच कर उसका सत्यापन और आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने तथा कार्रवाई की जानकारी वरीय अधिकारियों को देने का निर्देश दिया गया.
जिला खनन पदाधिकारी और जिला परिवहन पदाधिकारी को खनिज परिवहन में लगे वाहनों की नियमित जांच करने तथा वैध दस्तावेज के बिना खनिज परिवहन करने वाले वाहनों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई करने को कहा गया, संवेदनशील मार्गों पर आवश्यकता के अनुसार विशेष जांच अभियान चलाने के भी निर्देश दिए गये.
विभागों के बीच समन्वय पर जोर
अवैध खनन पर रोक के लिए पुलिस, खनन विभाग, अंचल प्रशासन और परिवहन विभाग को संयुक्त रूप से जांच एवं छापेमारी अभियान चलाने का निर्देश दिया गया, पुलिस अधीक्षक मनोज सर्वागिंयारी ने संवेदनशील क्षेत्रों में नियमित गश्त और निगरानी बढ़ाने, संयुक्त छापेमारी तथा सूचना तंत्र को मजबूत करने पर जोर दिया. बैठक में खनिज परिवहन करने वाले वाहनों में खनिज को तिरपाल से पूरी तरह ढंककर ले जाने का निर्देश भी दिया गया, नियमों का उल्लंघन मिलने पर संबंधित वाहन और जिम्मेदार व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई की जायेगी.
उपायुक्त ने सभी संबंधित अधिकारियों को पूर्व में जारी निर्देशों का शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित करने तथा अवैध खनन एवं खनिज परिवहन के खिलाफ कार्रवाई में किसी भी स्तर पर शिथिलता नहीं बरतने का स्पष्ट निर्देश दिया, बैठक में अपर उपायुक्त जयवर्धन कुमार, दोनों अनुमंडलों के एसडीओ-एसडीपीओ, जिला परिवहन पदाधिकारी, जिला खनन पदाधिकारी, अंचल अधिकारी, थाना प्रभारी समेत विभिन्न विभागों के पदाधिकारी मौजूद थे.



































