सरायकेला / Balram Panda: जिला दण्डाधिकारी -सह- उपायुक्त श्री रविशंकर शुक्ला की अध्यक्षता में जिला स्तरीय आपदा प्रबंधन समिति की बैठक आहूत की गई. वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित बैठक मे मुख्य रुप से पुलिस अधीक्षक श्री मुकेश लूणायत, उप विकास आयुक्त सह परियोजना निदेशक आईटीडीए श्री आशीष अग्रवाल, सहायक सम्हार्ता श्री कुमार रजत, अपर उपायुक्त श्री जयवर्धन कुमार, अनुमंडल पदाधिकारी सरायकेला श्री सदानंद महतो, जिला भू-अर्जन पदाधिकारी श्रीमती निवेदिता नियति, सिविल सर्जन डॉ अजय सिन्हा एवं सभी अंचलाधिकारी उपस्थित रहें.
बैठक के दौरान अपर उपायुक्त श्री जयवर्धन कुमार के द्वारा जिले में विभिन्न प्राकृतिक आपदा अंतर्गत प्राप्त आवेदनों के संबंध में जानकारी दी गई, उन्होंने बताया कि जिले मे प्राकृतिक आपदा अंतर्गत सड़क दुर्घटना, वज्रपात, पानी में डूबने, अतिवृष्टि तथा अग्निकांड आदि से सम्बन्धित स्वीकृति हेतु कुल 17 आवेदन प्राप्त हुए हैं जिसमे सभी दस्तावेज प्राप्त है. इस दौरान समिति सदस्यों के द्वारा प्राप्त आवेदनों पर बिंदुवार चर्चा कर सर्व सहमति से सड़क दुर्घटना से संबंधित पांच,पानी में डूबने से संबंधित दो, अतिवृष्टि से संबंधित आठ एवं अग्निकांड से संबंधित दो मामले मे नियमानुसार अनुग्रह अनुदान राशि स्वीकृति करने का निर्णय लिया गया. समीक्षा क्रम मे उपायुक्त नें सभी अंचलाधिकारी को आपदा संबंधित प्राप्त आवेदनों के प्राथमिकता के आधार पर निष्पादन करने के निर्देश दिए, उपायुक्त ने कहा कि आपदा से संबंधित प्राप्त आवेदन में यदि किसी भी प्रकार के दस्तावेज की कमी हो तो संबंधित आवेदक से समन्वय स्थापित करते हुए निराकरण करते हुए एक माह के अंदर आवेदन को जिला स्तर पर लाए ताकि आश्रित को समय योजना कल प्रदान किया जा सके.
प्राकृतिक आपदा से बचाव तथा पीड़ित परिवार के लाभ हेतु योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार करें- उपायुक्त.
बैठक के दौरान उपायुक्त श्री रविशंकर शुक्ला ने प्राकृतिक आपदा अंतर्गत पीड़ित परिवार को सरकार की कल्याणकारी योजनाओं के लाभ प्रदान करने हेतु जिला आपदा प्रबंधन अंतर्गत संचालित विभिन्न योजनाओं का पंचायत स्तर पर विभिन्न माध्यम से व्यापक प्रचार प्रसार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उपायुक्त नें विभिन्न आपदा के समय क्या करें एवं क्या न करें इसके संबंध में ग्रामीण क्षेत्र तथा सभी विद्यालय में बच्चों को जागरूक करने के निर्देश दिए. तथा सभी अंचल अधिकारी को आपदा से जुड़े मामलों पर नियमानुसार कार्रवाई करते हुए एक माह के अंदर मृतक के आश्रित को अनुग्रह अनुदान राशि का लाभ प्रदान करने तथा अन्य योजनाओं से जोड़ने का निर्देश दिया गया.