होम 

राज्य

नौकरी

राजनीति

देश दुनिया

योजना

खेल समाचार

टेक

जमशेदपुर

धर्म-समाज  

वेब स्टोरी 

Provider 1 Provider 2

---Advertisement---

[smartslider3 slider="9"]

[smartslider3 slider="8"]

 

 

श्रीनाथ विश्वविद्यालय में ‘Be Master of Yourself’ कार्यशाला: स्वामी निर्विशेषानंद ने एमबीए छात्रों को दिए नेतृत्व और आत्मविकास के मंत्र

By Goutam

Published on:

 

---Advertisement---

[smartslider3 slider="10"]

[smartslider3 slider="7"]

जनसंवाद, आदित्यपुर/जमशेदपुर। आदित्यपुर स्थित Shrinath University में एमबीए छात्रों के लिए ‘Be Master of Yourself’ विषय पर एक दिवसीय प्रेरणादायक कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम सेंटर फॉर इनर रिसोर्स डेवलपमेंट में सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक आयोजित हुआ।

Provider 1 Provider 2

कार्यशाला का संचालन प्रसिद्ध आध्यात्मिक गुरु Swami Nirvisheshananda Tirth ने किया। उन्होंने अपने प्रेरणादायक संबोधन में छात्रों को आत्मबल, स्पष्ट सोच और नेतृत्व क्षमता विकसित करने के महत्व पर प्रकाश डाला।

स्वामी निर्विशेषानंद तीर्थ ने कहा कि हर व्यक्ति के भीतर असीम क्षमताएं होती हैं, जिन्हें पहचानकर सही दिशा में विकसित करना जरूरी है। उन्होंने बताया कि जीवन और नेतृत्व में सफलता के लिए आत्मनियंत्रण, भावनात्मक संतुलन और मजबूत पारस्परिक संबंध अत्यंत आवश्यक हैं।

Provider 1 Provider 2

कार्यक्रम के दौरान उन्होंने संवादात्मक चर्चा, व्यावहारिक उदाहरणों और जीवन से जुड़े अनुभवों के माध्यम से छात्रों को आत्मविश्वास बढ़ाने, संतुलित निर्णय लेने और बेहतर रिश्ते बनाने के तरीके बताए। उन्होंने कहा कि आज के प्रतिस्पर्धी पेशेवर माहौल में प्रभावी नेतृत्व के लिए मानसिक स्पष्टता, सकारात्मक सोच और आत्मअनुशासन बेहद जरूरी हैं।

कार्यशाला में एमबीए छात्रों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और भावनाओं को नियंत्रित करने, एकाग्रता बढ़ाने तथा सकारात्मक मानसिकता विकसित करने से संबंधित कई महत्वपूर्ण बातें सीखीं। इस सत्र ने छात्रों को आत्मचिंतन और आत्मजागरूकता की ओर प्रेरित किया।

इस अवसर पर विश्वविद्यालय के डीन डॉ. जे. राजेश और वाणिज्य एवं प्रबंधन विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. मृत्युंजय महतो ने स्वामी निर्विशेषानंद तीर्थ का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की कार्यशालाएं छात्रों को केवल शैक्षणिक ज्ञान ही नहीं बल्कि जीवन मूल्यों और नेतृत्व कौशल से भी समृद्ध करती हैं।

विश्वविद्यालय प्रशासन ने बताया कि छात्रों के समग्र विकास के लिए संस्थान नियमित रूप से ऐसे कार्यक्रम आयोजित करता रहता है, ताकि विद्यार्थियों में नेतृत्व क्षमता, व्यक्तित्व विकास और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित हो सके।

 

---Advertisement--- 

 

Leave a Comment