जनसंवाद, जमशेदपुर: सोना देवी स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी की ओर से मंगलवार, 15 सितंबर 2026 को विवेकानंद ऑडिटोरियम में 59वां अभियंता दिवस उत्साह के साथ मनाया गया। कार्यक्रम में जल संसाधन विभाग के गालूडीह में पदस्थापित अधीक्षण अभियंता रविकांत चौधरी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने विद्यार्थियों को पढ़ाई में ईमानदारी, अनुशासन और पारंपरिक तथा आधुनिक ज्ञान के बीच तालमेल बनाने की सलाह दी।
ईमानदारी और अनुशासन को बताया जरूरी
मुख्य अतिथि रविकांत चौधरी ने उपस्थित अभियंताओं को अभियंता दिवस की शुभकामनाएं दीं। विद्यार्थियों का मार्गदर्शन करते हुए उन्होंने कहा कि पढ़ाई में ईमानदारी और अनुशासन बेहद जरूरी है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपने ज्ञान को व्यावहारिक सोच के साथ आगे बढ़ाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में जल संसाधन विभाग, घाटशिला के कार्यपालक अभियंता अजय प्रजापति ने भारत में इंजीनियरिंग शिक्षा के विकास की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि देश में इंजीनियरिंग शिक्षा की शुरुआत थॉम्पसन कॉलेज, वर्तमान आईआईटी रुड़की, से हुई और इसके बाद देश में आईआईटी का दौर शुरू हुआ। उन्होंने कहा कि किसी भी विश्वविद्यालय की पहचान उसके विद्यार्थियों की उपलब्धियों से होती है। विद्यार्थियों को मेहनत, अनुशासन और उपलब्ध अवसरों का भरपूर लाभ उठाने की सलाह दी।
शोध और नवाचार पर कुलाधिपति का जोर
सोना देवी विश्वविद्यालय के कुलाधिपति प्रभाकर सिंह ने कार्यक्रम में उपस्थित अभियंताओं की सेवाओं के प्रति सम्मान व्यक्त किया। उन्होंने विद्यार्थियों से विज्ञान और तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में शोध एवं नवाचार को बढ़ावा देने की अपील की। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों का काम केवल किताबों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि तकनीक के माध्यम से लोगों का जीवन सरल बनाने की दिशा में होना चाहिए।
कुलाधिपति ने शिक्षक और इंजीनियर की भूमिका को निर्माण से जोड़ते हुए कहा कि शिक्षक व्यक्तित्व का निर्माण करते हैं, जबकि इंजीनियर राष्ट्र के निर्माण में योगदान देते हैं।
व्यावहारिक ज्ञान पर ध्यान देने की सलाह
सोना देवी विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. ब्रज मोहन पाट पिंगुवा ने विद्यार्थियों से अपने कार्य में व्यावहारिकता पर विशेष ध्यान देने को कहा। उन्होंने अपने वैज्ञानिक के रूप में कार्य करने के अनुभव साझा किए और कर्नाटक में भारत रत्न एम. विश्वेश्वरैया द्वारा निर्मित बांध को देखने का अनुभव भी बताया।
विद्यार्थियों ने तकनीकी विषयों पर दी प्रस्तुति
सोना देवी स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी की विभागाध्यक्ष पूजा तिवारी ने स्वागत भाषण में एम. विश्वेश्वरैया के योगदानों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि आधुनिक समाज अभियांत्रिकी और तकनीक पर काफी हद तक निर्भर है। उन्होंने विद्यार्थियों को ब्रांच का चयन करते समय विवेकपूर्ण निर्णय लेने की सलाह दी। सहायक कुलसचिव अर्चना सिंह ने भी एम. विश्वेश्वरैया के जीवन और योगदान पर प्रकाश डाला।
कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलन से हुई और समापन राष्ट्रगीत एवं राष्ट्रगान के साथ हुआ। इस दौरान विद्यार्थियों ने पीपीटी के माध्यम से अपने विषयों से संबंधित प्रस्तुतियां दीं।
बीएससी एग्रीकल्चर की छात्रा लक्ष्मी मुर्मू ने कृषि क्षेत्र में ड्रोन की उपयोगिता पर प्रस्तुति देते हुए पारंपरिक कृषि को स्मार्ट कृषि में बदलने की संभावनाओं पर जानकारी दी। कंप्यूटर साइंस की छात्रा खुशी ने अभियंता दिवस की थीम पर प्रस्तुति दी। बीएससी बायोटेक्नोलॉजी के विद्यार्थियों ने चूहों पर क्लोनिंग से संबंधित पेपर प्रस्तुत किया। वहीं बीटेक ईई के छात्र शांतनु ने स्टार्टर विषय पर अपना पेपर प्रस्तुत किया।
हर वर्ष 15 सितंबर को भारत रत्न एवं महान अभियंता सर एम. विश्वेश्वरैया की जयंती के अवसर पर अभियंता दिवस मनाया जाता है। कार्यक्रम में विद्यार्थियों को इंजीनियरिंग शिक्षा के साथ शोध, नवाचार, अनुशासन और व्यावहारिक ज्ञान के महत्व से अवगत कराया गया।


































