जनसंवाद, जमशेदपुर। विद्यार्थियों को डिग्री के साथ आधुनिक तकनीकी ज्ञान, व्यावहारिक कौशल और उद्योग की जरूरतों के अनुरूप प्रशिक्षण देने की दिशा में सोना देवी विश्वविद्यालय और टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) के बीच महत्वपूर्ण समझौता हुआ है। इस साझेदारी के तहत विद्यार्थियों को नियमित डिग्री शिक्षा के साथ आधुनिक तकनीक, उद्योग की कार्यप्रणाली और रोजगार की बदलती जरूरतों से परिचित कराया जाएगा।
टीसीएस आईऑन पाठ्यक्रम से जुड़ेंगे विद्यार्थी
समझौते के तहत TCS iON Industry Honour Course को विद्यार्थियों के शैक्षणिक कार्यक्रम से जोड़ा जाएगा। इससे विद्यार्थी डिग्री के साथ उद्योग से जुड़े क्षेत्रों और आधुनिक तकनीक में विशेष ज्ञान एवं कौशल हासिल कर सकेंगे।
विश्वविद्यालय के अनुसार, पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल किताबी ज्ञान तक सीमित रखने के बजाय उन्हें वास्तविक कार्यक्षेत्र की जरूरतों और चुनौतियों के लिए तैयार करना है।
45 घंटे का विशेष प्रशिक्षण, विशेषज्ञ लेंगे कक्षाएं
कार्यक्रम के तहत विद्यार्थियों को कुल 45 घंटे का विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसमें डिजिटल अध्ययन सामग्री, वीडियो, पीडीएफ और अन्य शिक्षण संसाधनों के साथ निर्धारित अध्ययन योजना उपलब्ध कराई जाएगी।
टीसीएस की ओर से नामित विषय विशेषज्ञ विश्वविद्यालय परिसर में प्रत्यक्ष कक्षाएं और प्रशिक्षण सत्र भी आयोजित करेंगे। इससे विद्यार्थियों को उद्योग विशेषज्ञों से सीधे संवाद करने और तकनीकी विषयों के व्यावहारिक पक्ष को समझने का अवसर मिलेगा।
120 विद्यार्थियों के दो समूह में होगा प्रशिक्षण
प्रशिक्षण को अधिक प्रभावी और संवादात्मक बनाने के लिए 120 विद्यार्थियों को 60-60 विद्यार्थियों के दो समूहों में बांटा जाएगा। छोटे समूहों में प्रशिक्षण से विद्यार्थियों की सहभागिता बढ़ाने और विशेषज्ञों से बेहतर मार्गदर्शन उपलब्ध कराने पर जोर रहेगा।
कुलाधिपति बोले- डिग्री से आगे कौशल जरूरी
कुलाधिपति प्रभाकर सिंह ने समझौते को विद्यार्थियों के भविष्य की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया। उन्होंने कहा, “आज की शिक्षा का उद्देश्य केवल डिग्री प्राप्त करना नहीं, बल्कि ज्ञान को कौशल में और कौशल को रोजगार में बदलना है।”
उन्होंने विद्यार्थियों से इस अवसर का पूरी निष्ठा और उत्साह के साथ लाभ उठाने की अपील की। उन्होंने कहा कि टीसीएस जैसी संस्था के साथ साझेदारी से विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीकी ज्ञान, विशेषज्ञ मार्गदर्शन और व्यावहारिक अनुभव मिलेगा।
शिक्षा और उद्योग के बीच मजबूत होगा सेतु
कुलपति प्रोफेसर डॉ. ब्रज मोहन पाट पिंगुवा ने कहा कि वर्तमान समय में शिक्षा और उद्योग के बीच बेहतर समन्वय जरूरी है। विश्वविद्यालय का उद्देश्य केवल डिग्री देना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को ज्ञान, कौशल और व्यावहारिक अनुभव से सशक्त बनाना है।
कुलसचिव डॉ. नीत नयना ने कहा कि विश्वविद्यालय विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ रोजगारपरक कौशल देने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है। टीसीएस विशेषज्ञों के मार्गदर्शन से विद्यार्थियों को उद्योग की वास्तविक जरूरतों को समझने और अपनी तकनीकी क्षमता विकसित करने का अवसर मिलेगा।
सहायक कुलसचिव एवं प्लेसमेंट कोऑर्डिनेटर अर्चना सिंह ने कहा कि टीसीएस के साथ यह समझौता विद्यार्थियों के लिए तकनीकी क्षमता और आत्मविश्वास विकसित करने का महत्वपूर्ण अवसर है।
टीसीएस प्रतिनिधियों की मौजूदगी में हुआ समझौता
समझौते के अवसर पर टीसीएस के प्रतिनिधि प्रभाकर प्रमाणिक और सांचों जोसफ मौजूद रहे। विश्वविद्यालय की ओर से कुलाधिपति प्रभाकर सिंह, कुलपति प्रो. डॉ. ब्रज मोहन पाट पिंगुवा, कुलसचिव डॉ. नीत नयना, सहायक कुलसचिव एवं प्लेसमेंट कोऑर्डिनेटर अर्चना सिंह तथा इंजीनियरिंग विभागाध्यक्ष पूजा तिवारी उपस्थित रहीं।
इस दौरान कंप्यूटर साइंस एवं बीसीए विभाग से एस.के. आरिफ, दीप्तिशिखा नस्कर सहित इंजीनियरिंग, कंप्यूटर साइंस, बीसीए और अन्य विभागों के शिक्षक मौजूद रहे। विश्वविद्यालय के शिक्षकों और टीसीएस प्रतिनिधियों के बीच तकनीकी विकास, उद्योगोन्मुख प्रशिक्षण और रोजगारपरक कौशल को लेकर भी चर्चा हुई।

















