जनसंवाद, जमशेदपुर। सोना देवी विश्वविद्यालय के विवेकानंद ऑडिटोरियम में गुरुवार को विद्यार्थियों के लिए फायर सेफ्टी जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त घाटशिला के फायर ऑफिसर रामाशिष राम ने विद्यार्थियों को आग लगने के कारण, उससे बचाव के उपाय और आपात स्थिति में अपनाई जाने वाली सावधानियों की जानकारी दी।
कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. ब्रज मोहन पाट पिंगुआ, कुलसचिव डॉ. नित नयना तथा विभिन्न विभागों के शिक्षक और बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।
फायर ऑफिसर रामाशिष राम ने बताया कि जिला प्रशासन के निर्देश पर जिले के शिक्षण संस्थानों और अन्य महत्वपूर्ण स्थानों पर आग से बचाव को लेकर जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आग सामान्य कारणों के अलावा तेल, गैस और बिजली के शॉर्ट सर्किट से भी लग सकती है। भवनों, अस्पतालों, शिक्षण संस्थानों और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर विशेष सतर्कता बरतना आवश्यक है।
उन्होंने विद्यार्थियों को बताया कि भवनों में स्मोक डिटेक्टर, फ्लेम डिटेक्टर और फायर डिटेक्टर जैसे सुरक्षा उपकरण लगाए जाने चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि झारखंड सरकार की गाइडलाइन के अनुसार सभी शिक्षण संस्थानों और बहुमंजिला इमारतों में फायर सिस्टम लगाना अनिवार्य है।
रामाशिष राम ने अग्निशमन यंत्र के सही उपयोग का प्रदर्शन करते हुए बताया कि आग बुझाते समय सुरक्षित दूरी बनाए रखना और हवा की दिशा का ध्यान रखना जरूरी है। उन्होंने वाहन में आग लगने की स्थिति, ऑटोमैटिक लॉक सिस्टम और आग लगने के विभिन्न कारणों पर भी विस्तार से जानकारी दी।
उन्होंने विद्यार्थियों से सतर्क रहने की अपील करते हुए कहा कि टूटे हुए दर्पण जैसी वस्तुएं भी आग लगने का कारण बन सकती हैं, इसलिए उन्हें खुले स्थानों पर नहीं फेंकना चाहिए। किसी भी आपात स्थिति में टोल फ्री नंबर 112 पर तुरंत सूचना देने की सलाह भी दी।

















