जनसंवाद, जमशेदपुर। नेताजी सुभाष विश्वविद्यालय का चौथा दीक्षांत समारोह आगामी 7 अगस्त को विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित किया जाएगा। दो दिवसीय इस समारोह में स्नातक, स्नातकोत्तर और पीएचडी के 1,600 से अधिक विद्यार्थियों को उपाधियां प्रदान की जाएंगी। साथ ही विभिन्न संकायों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को स्वर्ण और रजत पदकों से सम्मानित किया जाएगा।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने समारोह की तैयारियां शुरू कर दी हैं। इस अवसर पर झारखंड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार को मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया है। हाल ही में विश्वविद्यालय के कुलाधिपति मदन मोहन सिंह ने राजभवन में राज्यपाल से शिष्टाचार मुलाकात कर उन्हें समारोह का औपचारिक निमंत्रण सौंपा। इस दौरान विश्वविद्यालय की शैक्षणिक उपलब्धियों, अनुसंधान गतिविधियों और भविष्य की योजनाओं पर भी चर्चा हुई।
विश्वविद्यालय के अनुसार, इस वर्ष 34 विभिन्न पाठ्यक्रमों के विद्यार्थियों को उपाधियां प्रदान की जाएंगी। शैक्षणिक सत्र 2025 में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 40 विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक और 40 विद्यार्थियों को रजत पदक प्रदान किए जाएंगे। इसके अलावा 36 शोधार्थियों को उनके शोध कार्य के आधार पर पीएचडी की उपाधि दी जाएगी।
प्रेस वार्ता में कुलाधिपति मदन मोहन सिंह ने कहा कि दीक्षांत समारोह किसी भी विद्यार्थी के जीवन का गौरवपूर्ण पड़ाव होता है। यह केवल डिग्री प्राप्त करने का अवसर नहीं, बल्कि वर्षों की मेहनत, अनुशासन और समर्पण का सम्मान है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, आधुनिक तकनीकी ज्ञान, अनुसंधान, नवाचार और उद्योगोन्मुखी कौशल उपलब्ध कराने के लिए निरंतर कार्य कर रहा है।
उन्होंने कहा कि दीक्षांत समारोह विद्यार्थियों के लिए नई जिम्मेदारियों और अवसरों की शुरुआत का प्रतीक है। विश्वविद्यालय अपने पूर्व छात्रों की उपलब्धियों पर गर्व करता है और उनके सर्वांगीण विकास के लिए आगे भी प्रतिबद्ध रहेगा। उन्होंने सभी उपाधि एवं पदक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को अग्रिम शुभकामनाएं भी दीं।
विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार समारोह के सफल आयोजन के लिए विभिन्न समितियों का गठन किया गया है। अतिथियों के स्वागत, सुरक्षा व्यवस्था, मंच संचालन, सांस्कृतिक कार्यक्रम, उपाधि वितरण, आवागमन और अन्य व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है।
















