जनसंवाद, जमशेदपुर/घाटशिला: सोना देवी विश्वविद्यालय, घाटशिला और अनुदीप फाउंडेशन फॉर सोशल वेलफेयर, कोलकाता के बीच विद्यार्थियों को कौशल विकास, रोजगारपरक प्रशिक्षण और बेहतर करियर अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से मंगलवार को समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए। इस पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ व्यावहारिक ज्ञान और उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप कौशल प्रदान करना है।
रोजगार के अनुरूप मिलेगा प्रशिक्षण
समझौते के तहत विद्यार्थियों को तकनीकी ज्ञान, डिजिटल स्किल, संचार कौशल, व्यवहारिक दक्षता और अन्य रोजगारपरक प्रशिक्षण दिए जाएंगे। इसके अलावा प्रशिक्षण कार्यक्रम, कार्यशालाएं, इंटर्नशिप, व्यावहारिक अध्ययन, प्लेसमेंट सहायता और अन्य शैक्षणिक गतिविधियों का भी आयोजन किया जाएगा।
व्यावहारिक शिक्षा पर रहेगा विशेष जोर
विश्वविद्यालय ने कहा कि वर्तमान प्रतिस्पर्धी दौर में केवल डिग्री पर्याप्त नहीं है। विद्यार्थियों को बदलती रोजगार आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार करने के लिए शिक्षा के साथ कौशल विकास पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। इस साझेदारी के माध्यम से प्रबंधन, प्रौद्योगिकी, वित्त, डिजिटल स्किल और नई तकनीकों से जुड़े क्षेत्रों में प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाएगा।
सहायक कुलसचिव ने बताया महत्वपूर्ण कदम
विश्वविद्यालय की सहायक कुलसचिव श्रीमती अर्चना सिंह ने कहा कि आज के समय में शिक्षा के साथ कौशल विकास अनिवार्य हो गया है। रोजगार के क्षेत्र में तेजी से बदलाव हो रहा है, इसलिए विद्यार्थियों को नई तकनीक, डिजिटल ज्ञान और संचार कौशल से लैस होना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि यह समझौता विद्यार्थियों को बेहतर प्रशिक्षण और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।
‘शिक्षा से रोजगार तक की दूरी होगी कम’
कुलसचिव डॉ. नीत नयना ने कहा कि विश्वविद्यालय विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि यह समझौता विद्यार्थियों को शिक्षा से रोजगार की दिशा में आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा और उन्हें अपनी प्रतिभा विकसित करने का बेहतर अवसर मिलेगा।
‘कुशल और आत्मनिर्भर युवा तैयार करना लक्ष्य’
कुलपति प्रो. डॉ. ब्रज मोहन पाट पिंगुवा ने कहा कि विश्वविद्यालय का उद्देश्य केवल शैक्षणिक डिग्री प्रदान करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को कुशल, आत्मनिर्भर और रोजगार के योग्य बनाना भी है। उन्होंने कहा कि शिक्षा और कौशल का समन्वय समय की आवश्यकता है तथा इस सहयोग से विद्यार्थियों को व्यावहारिक अनुभव और रोजगार से जुड़ी आवश्यक जानकारी प्राप्त होगी।

















