जनसंवाद, खरसावां (उमाकांत कर) : झारखंड के पूर्व शिक्षा मंत्री एवं झारखंड आंदोलन से जुड़े नेता स्वर्गीय रामदास सोरेन की प्रथम पुण्यतिथि के अवसर पर खरसावां में श्रद्धांजलि सभा आयोजित की गई। इस दौरान खरसावां विधायक दशरथ गागराई, समाजसेवी बासंती गागराई और झारखंड मुक्ति मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने स्व. रामदास सोरेन के चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्प अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी।
झारखंड आंदोलन और जनसरोकारों से जुड़े नेता थे रामदास सोरेन
विधायक दशरथ गागराई ने कहा कि स्वर्गीय रामदास सोरेन झारखंड आंदोलन की मजबूत आवाज और जनसरोकारों से जुड़े लोकप्रिय नेता थे। उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन में शिक्षा, आदिवासी समाज, गरीबों और वंचित वर्गों के उत्थान के लिए महत्वपूर्ण योगदान दिया।
उन्होंने कहा कि रामदास सोरेन ने समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास की किरण पहुंचाने का प्रयास किया। उनके विचार और जनसेवा के प्रति समर्पण आज भी सभी के लिए प्रेरणास्रोत हैं।
संघर्ष, सेवा और समर्पण का प्रतीक था जीवन
समाजसेवी बासंती गागराई ने कहा कि स्वर्गीय रामदास सोरेन का जीवन संघर्ष, सेवा और समर्पण का प्रतीक था। उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण पहल कीं, जिससे हजारों विद्यार्थियों को लाभ मिला।
उन्होंने कहा कि ऐसे जननायक विरले ही होते हैं, जो अपने कार्यों के माध्यम से लोगों के दिलों में स्थायी स्थान बना लेते हैं। उनके आदर्शों पर चलना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
झारखंड की संस्कृति और सामाजिक मूल्यों के लिए किया काम
बासंती गागराई ने कहा कि रामदास सोरेन ने झारखंड की संस्कृति, परंपरा और सामाजिक मूल्यों को मजबूत बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके निधन से राज्य ने एक अनुभवी, सरल और जनप्रिय नेता को खो दिया, जिसकी कमी लंबे समय तक महसूस की जाएगी।
दो मिनट का मौन रखकर दी श्रद्धांजलि
श्रद्धांजलि सभा के दौरान दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की गई। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने उनके बताए मार्ग पर चलने और समाज एवं राज्य के विकास के लिए निरंतर कार्य करने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम में विधायक प्रतिनिधि अर्जुन उर्फ नायडू गोप, बीस सूत्री अध्यक्ष अजय सामाड, ललन तिवारी, रमेश महतो, राजेश दलबेहरा, खिरोद महतो, पिंटू महतो, अखर जिया, मो. सलाम, मो. राजू समेत झामुमो के कई पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
सभी ने स्वर्गीय रामदास सोरेन के योगदान को याद करते हुए उन्हें नमन किया और कहा कि उनका संघर्षपूर्ण जीवन आने वाली पीढ़ियों को हमेशा प्रेरित करता रहेगा।



































