जनसंवाद, खरसावां (उमाकांत कर): आगामी 1 से 14 सितंबर तक आयोजित होने वाले उल्लास साक्षरता पखवाड़ा के सफल आयोजन को लेकर गुरुवार को कुचाई प्रखंड संसाधन केंद्र (बीआरसी) में बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी (बीईईओ) संजय कुमार जोशी ने की। इसमें विभिन्न विद्यालयों के प्रधानाध्यापक, संकुल साधनसेवी, शिक्षक और शिक्षा विभाग से जुड़े कर्मी शामिल हुए।
निरक्षर लोगों को साक्षर बनाने पर जोर
बैठक में बीईईओ संजय कुमार जोशी ने कहा कि उल्लास साक्षरता पखवाड़ा का मुख्य उद्देश्य निरक्षर लोगों को साक्षर बनाना और शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। उन्होंने कहा कि शिक्षा समाज के विकास की आधारशिला है और प्रत्येक व्यक्ति का साक्षर होना जरूरी है।
घर-घर सर्वे से होगी निरक्षरों की पहचान
पखवाड़े के दौरान घर-घर सर्वेक्षण कर निरक्षर लोगों की पहचान, नामांकन अभियान और व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने की योजना बनाई गई। इसके अलावा जागरूकता रैली, प्रभात फेरी, नुक्कड़ नाटक और ग्राम सभा के माध्यम से साक्षरता का संदेश लोगों तक पहुंचाने पर चर्चा हुई।
शिक्षकों को सौंपी जाएगी जिम्मेदारी
बीईईओ ने सभी शिक्षकों और शिक्षा कर्मियों को अपने-अपने क्षेत्र में सक्रिय भूमिका निभाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि साक्षरता अभियान को जन आंदोलन का स्वरूप देने के लिए स्थानीय जनप्रतिनिधियों, स्वयंसेवी संगठनों, युवा समूहों और ग्रामीणों का सहयोग लिया जाएगा। सभी विद्यालयों को निर्धारित समय सीमा के भीतर अपनी कार्ययोजना तैयार कर विभाग को उपलब्ध कराने का निर्देश भी दिया गया।
सामूहिक प्रयास से अभियान होगा सफल
बैठक के अंत में बीईईओ संजय कुमार जोशी ने सभी शिक्षकों एवं कर्मियों से पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ कार्य करने की अपील की। उन्होंने विश्वास जताया कि सामूहिक प्रयास से उल्लास साक्षरता पखवाड़ा सफल होगा और प्रखंड में साक्षरता दर बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की जा सकेगी।
बैठक में बीईईओ संजय कुमार जोशी, बीपीओ मिहीर कुमार दास, लेखापाल रूपेश महांती, सीआरपी राजेश प्रधान, शितल कालंदी, दयाल लेट, भोलानाथ गोप, गुरूचरण महतो सहित अन्य उपस्थित थे।



































