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जमशेदपुर में 18 से 20 सितंबर तक श्री गो कृपा कथा महोत्सव, कुसुम कमानी ऑडिटोरियम में सुनाएंगे ग्वाल संत गोपाल मणि जी महाराज

By Goutam

Published on:

 

श्री गो कृपा कथा महोत्सव जमशेदपुर
 

जनसंवाद, जमशेदपुर। लौहनगरी जमशेदपुर में 18, 19 और 20 सितंबर को भक्ति, आस्था, सनातन संस्कृति और गो-सेवा का संदेश गूंजेगा। बिष्टुपुर स्थित कुसुम कमानी ऑडिटोरियम में तीन दिवसीय श्री गो कृपा कथा महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। महोत्सव में पूज्य ग्वाल संत श्री गोपाल मणि जी महाराज अपने श्रीमुख से गो-माता की महिमा, गो-सेवा, जीव दया, संस्कार और भारतीय जीवन-पद्धति से जुड़े विषयों पर कथा प्रस्तुत करेंगे।

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इस आयोजन का उद्देश्य गो-माता के प्रति श्रद्धा को गो-सेवा, गो-संरक्षण, जीव दया और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना से जोड़ना है। महोत्सव का आयोजन पूर्वी सिंहभूम जिला अग्रवाल सम्मेलन, ध्यान फाउंडेशन (चाकुलिया) एवं श्री गोपाल परिवार संघ के संयुक्त तत्वावधान में किया जा रहा है।

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तीन दिनों तक शाम 4 से 7 बजे तक होगी गो-कथा

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श्री गो कृपा कथा महोत्सव के तीनों दिन कथा का आयोजन शाम 4 बजे से 7 बजे तक किया जाएगा। आयोजकों ने श्रद्धालुओं से आग्रह किया है कि कथा के सुचारु संचालन और सभी की सुविधा को ध्यान में रखते हुए अपराह्न 3:45 बजे तक कुसुम कमानी ऑडिटोरियम पहुंचकर अपनी सीट ग्रहण कर लें।

गो-सेवा और जीव दया का दिया जाएगा संदेश

आयोजकों के अनुसार गो-कथा के माध्यम से गो-माता के प्रति श्रद्धा को केवल धार्मिक भावना तक सीमित न रखते हुए उसे सेवा, संरक्षण और जीव दया से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा। भारतीय परंपरा में गो-माता को करुणा, त्याग, सेवा और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है।

महोत्सव के माध्यम से नई पीढ़ी और विशेष रूप से युवाओं को भारतीय संस्कृति, संस्कार और सेवा-भाव से जोड़ने का भी प्रयास किया जाएगा।

राज कुमार अग्रवाल ने सेवा-भाव पर दिया जोर

ध्यान फाउंडेशन, चाकुलिया के निदेशक राज कुमार अग्रवाल ने कहा कि गो-माता भारतीय संस्कृति और जीवन-पद्धति का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। आवश्यकता इस बात की है कि गो-माता के प्रति श्रद्धा व्यवहारिक रूप से गो-सेवा और जीव दया में परिवर्तित हो।

युवाओं और परिवारों को संस्कृति से जोड़ने का प्रयास

विजय आनंद मूनका ने कहा कि श्री गो कृपा कथा महोत्सव के माध्यम से लोगों को गो-माता की महिमा के साथ सेवा और संरक्षण के महत्व से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह आयोजन परिवारों और युवाओं को अपनी संस्कृति एवं संस्कारों से जुड़ने का अवसर देगा।

झारखंड प्रादेशिक अग्रवाल सम्मेलन के अध्यक्ष संदीप मुरारका ने कहा कि सनातन संस्कृति की विशेषता उसके संस्कार और सेवा-भाव में है। उन्होंने जमशेदपुरवासियों से परिवार सहित तीनों दिन कथा में शामिल होने का आह्वान किया।

सम्मेलन के महामंत्री अभिषेक अग्रवाल गोल्डी ने कहा कि किसी भी संस्कृति की निरंतरता के लिए नई पीढ़ी का अपनी परंपराओं और मूल्यों से जुड़ना जरूरी है। उन्होंने बताया कि आयोजन के माध्यम से युवाओं और परिवारों को गो-सेवा, जीव दया और भारतीय संस्कृति से जोड़ने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।

आयोजन की तैयारियां अंतिम चरण में

महोत्सव की तैयारियां मुख्य संयोजक विजय आनंद मूनका के साथ अभिषेक अग्रवाल गोल्डी एवं मंटू अग्रवाल के संयुक्त मार्गदर्शन में अंतिम चरण में हैं। पूर्वी सिंहभूम जिला अग्रवाल सम्मेलन, ध्यान फाउंडेशन और श्री गोपाल परिवार संघ के पदाधिकारी, महिला मंडल एवं युवा कार्यकर्ता आयोजन को सफल बनाने में जुटे हैं।

कथा स्थल पर श्रद्धालुओं के प्रवेश, स्वागत, बैठने की व्यवस्था, मंच, सुरक्षा, अनुशासन और प्रचार-प्रसार सहित विभिन्न व्यवस्थाओं के लिए अलग-अलग टीमों को जिम्मेदारी दी गई है।

समीक्षा बैठक में तैयारियों की हुई समीक्षा

महोत्सव को लेकर आयोजित समीक्षा बैठक में आयोजन की विभिन्न व्यवस्थाओं पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में संदीप मुरारका, अभिषेक अग्रवाल गोल्डी, विजय आनंद मूनका सहित नूपुर तुलस्यान, अनीता हरनाथका, श्यामा काँवटिया, राजदुलारी अग्रवाल, नीतू हरनाथका, रानी अग्रवाल, सीमा जवानपुरिया, पायल अग्रवाल, कविता अग्रवाल, ज्योति अग्रवाल, संजना अग्रवाल, खुशबू काँवटिया, रीना गोयल, मनीषा संघी, अंजू चेतानी, दीपा अग्रवाल, अर्चना अग्रवाल, सुशीला संघी, सपना भाऊका, अश्विनी कुमार अग्रवाल, मयूर संघी, संजय अग्रवाल, दीनदयाल काँवटिया, हेमंत गुप्ता, प्रकाश बजाज, बजरंग लाल अग्रवाल, बबलू अग्रवाल, ऋषि जालान, प्रतीक अग्रवाल, अंशुल रिंगसिया, मनोज गोयल, पीकू अग्रवाल, राजेश पंसारी, केशव गोयल, अमन गोयल, पीयूष गोयल, हर्ष बाँकरेवाल, दीपक चेतानी सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे।

बैठक में अधिक से अधिक जनसहभागिता सुनिश्चित करने, श्रद्धालुओं की सुविधा, समयबद्ध कार्यक्रम संचालन और अन्य व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने को लेकर दिशा-निर्देश दिए गए।

महिलाओं और युवाओं की रहेगी विशेष भूमिका

आयोजकों के अनुसार महोत्सव को सफल बनाने में महिला मंडल और युवा कार्यकर्ताओं की विशेष भूमिका रहेगी। आयोजन को केवल कथा कार्यक्रम तक सीमित न रखकर भक्ति, संस्कार, सेवा और सामाजिक जागरूकता का मंच बनाने का प्रयास किया जा रहा है।

परिवार सहित कथा में पहुंचने का आग्रह

आयोजकों ने जमशेदपुर और आसपास के लोगों से परिवार सहित श्री गो कृपा कथा महोत्सव में शामिल होने का आग्रह किया है। श्रद्धालुओं से विशेष रूप से कहा गया है कि वे तीनों दिन अपराह्न 3:45 बजे तक कुसुम कमानी ऑडिटोरियम पहुंचकर अपनी सीट ग्रहण करें।

कार्यक्रम एक नजर में

  • कार्यक्रम: श्री गो कृपा कथा महोत्सव
  • कथावाचक: पूज्य ग्वाल संत श्री गोपाल मणि जी महाराज
  • तिथि: 18, 19 एवं 20 सितंबर
  • समय: शाम 4:00 बजे से 7:00 बजे तक
  • स्थान: कुसुम कमानी ऑडिटोरियम, बिष्टुपुर, जमशेदपुर
  • आयोजक: पूर्वी सिंहभूम जिला अग्रवाल सम्मेलन, ध्यान फाउंडेशन (चाकुलिया) एवं श्री गोपाल परिवार संघ
  • मुख्य संयोजक: विजय आनंद मूनका, अभिषेक अग्रवाल गोल्डी एवं मंटू अग्रवाल

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