जनसंवाद, घाटशिला/जमशेदपुर । सोना देवी विश्वविद्यालय के स्वामी विवेकानंद सभागार में प्रहरी सेल के नेतृत्व में बुधवार को नशा मुक्ति जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों और युवाओं को नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करना तथा उन्हें शिक्षा, खेल, कौशल विकास और रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ना था।
नशे से दूर रहने का दिया संदेश
कार्यक्रम का संचालन राजनीति विज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. शिवचन्द्र झा ने किया। विषय की भूमिका रखते हुए उन्होंने कहा कि नशा केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को प्रभावित नहीं करता, बल्कि परिवार और समाज पर भी इसका असर पड़ता है। युवाओं को नशे से दूर रखना सामूहिक जिम्मेदारी है।
उन्होंने विद्यार्थियों से नशे से दूर रहने, दूसरों को भी इसके प्रति जागरूक करने और अपनी ऊर्जा शिक्षा, कौशल, सेवा तथा राष्ट्र निर्माण में लगाने का आह्वान किया।
संगीत और नाटक से समझाए नशे के दुष्परिणाम
गणित विभाग के विभागाध्यक्ष श्री कृष्णेंदु दत्ता ने संगीत के माध्यम से नशामुक्ति का संदेश दिया। इसके बाद विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं ने नाटकीय प्रस्तुति के जरिए नशे के दुष्परिणामों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया।
नाटक में दिखाया गया कि नशे का असर व्यक्ति के स्वास्थ्य के साथ-साथ परिवार, शिक्षा, करियर और सामाजिक जीवन पर भी पड़ सकता है। विद्यार्थियों की प्रस्तुति को उपस्थित लोगों ने सराहा।
युवाओं को लक्ष्य पर ध्यान देने की अपील
वाणिज्य एवं प्रबंधन विभाग के सहायक अध्यापक श्री कुंदन कुमार ने कहा कि युवावस्था जीवन निर्माण का महत्वपूर्ण समय है। सही दिशा और संगति भविष्य को मजबूत बनाने में मदद करती है। उन्होंने विद्यार्थियों से नशे से दूरी बनाकर अपने लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित करने की अपील की।
‘नशामुक्ति की शुरुआत स्वयं से हो’
सहायक कुलसचिव श्रीमती अर्चना सिंह ने कहा कि नशामुक्ति की शुरुआत स्वयं से होती है। युवाओं के जागरूक होने से परिवार और समाज में भी सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है। उन्होंने विद्यार्थियों से अनुशासन, आत्मसंयम और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने की अपील की।
शिक्षा के साथ संस्कार और स्वस्थ जीवन पर जोर
कुलसचिव डॉ. नीत नयना ने कहा कि विश्वविद्यालय का उद्देश्य केवल डिग्री प्रदान करना नहीं, बल्कि जिम्मेदार, संवेदनशील और जागरूक नागरिक तैयार करना भी है। उन्होंने विद्यार्थियों से नशे से दूर रहकर अपनी ऊर्जा शिक्षा, शोध, खेल, नवाचार और समाज सेवा में लगाने का आह्वान किया।
युवा शक्ति को सकारात्मक दिशा देने की अपील
कुलपति प्रो. डॉ. ब्रज मोहन पाट पिंगुवा ने कहा कि युवा किसी भी समाज और राष्ट्र की महत्वपूर्ण शक्ति हैं। युवाओं की ऊर्जा को सकारात्मक दिशा मिलने पर वे समाज में रचनात्मक बदलाव ला सकते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से स्वस्थ और अनुशासित जीवन अपनाने तथा अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहने की अपील की।
‘नशामुक्त समाज सामूहिक संकल्प’
कुलाधिपति श्री प्रभाकर सिंह ने कहा कि नशामुक्त समाज का निर्माण केवल एक अभियान नहीं, बल्कि सामूहिक जिम्मेदारी और सामाजिक संकल्प है। उन्होंने कहा कि युवाओं को शिक्षा, कौशल, खेल, संस्कार और रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ना जरूरी है।
उन्होंने विद्यार्थियों से स्वयं नशे से दूर रहने और अपने मित्रों एवं समाज को भी नशामुक्त जीवन के लिए प्रेरित करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि युवा अपनी पहचान नशे से नहीं, बल्कि ज्ञान, प्रतिभा, संस्कार, मेहनत और अपने सपनों से बनाएं।
कार्यक्रम के दौरान “नशा छोड़िए, जीवन जोड़िए” और “नशामुक्त युवा—सशक्त समाज और समृद्ध राष्ट्र” का संदेश प्रमुखता से दिया गया।
प्रहरी सेल ने जताया आभार
कार्यक्रम के अंत में प्रहरी सेल की श्रीमती पतत्रि माली ने धन्यवाद ज्ञापन किया। उन्होंने कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए विश्वविद्यालय के पदाधिकारियों, संकाय अध्यक्षों, विभागाध्यक्षों, शिक्षकों, कर्मचारियों और विद्यार्थियों के प्रति आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के संकाय अध्यक्ष, विभागाध्यक्ष, शिक्षक, कर्मचारी और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।

















