जनसंवाद, नई दिल्ली। Akshaya Patra Foundation ने 5 अरब भोजन परोसने का ऐतिहासिक मील का पत्थर हासिल किया। इस उपलब्धि के साथ संस्था ने अपने 25 वर्षों की सेवा यात्रा का जश्न राष्ट्रपति भवन सांस्कृतिक केंद्र में मनाया।
इस कार्यक्रम में भारत की राष्ट्रपति Droupadi Murmu मुख्य अतिथि रहीं, जबकि केंद्रीय शिक्षा मंत्री Dharmendra Pradhan विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस दौरान राष्ट्रपति ने स्वयं बच्चों को भोजन परोसकर कार्यक्रम को विशेष बना दिया।
कार्यक्रम का विषय “विकसित भारत के लिए सुपोषित और सुशिक्षित भारत” रखा गया, जिसमें बाल पोषण और शिक्षा के महत्व पर जोर दिया गया। इस अवसर पर संस्था के संस्थापक Madhu Pandit Dasa और Chanchalapathi Dasa समेत कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने अपने संबोधन में कहा कि अक्षय पात्र सामाजिक नवाचार का उत्कृष्ट उदाहरण है, जो पिछले 25 वर्षों से बिना रुके बच्चों को मध्याह्न भोजन उपलब्ध करा रहा है। उन्होंने कहा कि यह पहल बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य और शिक्षा के माध्यम से राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
वहीं शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि अक्षय पात्र एक जन आंदोलन बन चुका है, जिससे देश के लाखों बच्चों को सीधा लाभ मिल रहा है। उन्होंने इस पहल को भारत के शिक्षा क्षेत्र के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण बताया।
अक्षय पात्र वर्तमान में देश के 16 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों में 78 स्थानों से 23 लाख बच्चों को प्रतिदिन भोजन उपलब्ध करा रहा है। संस्था का लक्ष्य वर्ष 2030 तक यह संख्या बढ़ाकर 30 लाख बच्चों तक पहुंचाना है।
कार्यक्रम में यह भी बताया गया कि अक्षय पात्र प्रधानमंत्री पोषण योजना का एक प्रमुख भागीदार है, जो सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराकर उनकी शिक्षा और स्वास्थ्य को मजबूत बना रहा है।
संस्था की स्थापना वर्ष 2000 में इस उद्देश्य से की गई थी कि कोई भी बच्चा भूख के कारण शिक्षा से वंचित न रहे। आज यह विश्व के सबसे बड़े गैर-सरकारी स्कूली भोजन कार्यक्रमों में से एक बन चुका है।




















