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15 दिनों के अध्ययन यात्रा से लौटते ही पेयजल की समास्या को लेकर जोजोबाटा गांव पहुंचे विधायक दशरथ गागराई, दो सप्ताह में चापाकल लगाकर पेयजल समस्या दूर करने का भरोसा

By Goutam

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जनसंवाद, खरसावां (उमाकांत कर)। सरायकेला-खरसावां जिले के खरसावां प्रखंड अंतर्गत रिडींग पंचायत के सुदूरवर्ती जोजोबाटा टोला में पेयजल समस्या के समाधान की दिशा में पहल शुरू हो गई है। 15 दिवसीय अध्ययन यात्रा से लौटते ही मंगलवार को विधायक दशरथ गागराई अधिकारियों की टीम के साथ गांव पहुंचे और ग्रामीणों के साथ चौपाल लगाकर उनकी समस्याएं सुनीं।

घने जंगलों और दो पहाड़ियों की तलहटी में बसे इस गांव तक पहुंचना आज भी बेहद कठिन है। गांव तक पक्की सड़क नहीं होने के कारण ग्रामीण संकरी पगडंडियों के सहारे आवागमन करते हैं। कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के चलते यहां अब तक कोई भारी वाहन नहीं पहुंच पाया, जिसके कारण गांव में आज तक चापाकल नहीं लग सका।

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ग्रामीणों ने विधायक के सामने बताया कि गांव की सबसे बड़ी समस्या पेयजल की है। लोग पहाड़ से निकलने वाली जलधारा के किनारे खोदे गए ‘चुआं’ के पानी पर निर्भर हैं। इसी पानी से ग्रामीण अपनी प्यास बुझाते हैं और घरेलू जरूरतें पूरी करते हैं। बरसात के दिनों में स्थिति और भी गंभीर हो जाती है।ग्रामीणों की समस्या सुनने के बाद विधायक दशरथ गागराई ने मौके पर ही अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि हर हाल में अगले दो सप्ताह के भीतर गांव में चापाकल लगाया जाए। उन्होंने कहा कि स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराना प्राथमिकता है और इसमें किसी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए।

विधायक ने बताया कि अगले तीन से चार दिनों के भीतर जेसीबी मशीन से गांव तक जाने वाले रास्ते की लेवलिंग कराई जाएगी, ताकि बोरिंग मशीन गांव तक पहुंच सके और चापाकल लगाने का कार्य शुरू हो सके।

उन्होंने ग्रामीणों से अपने बच्चों को शिक्षा से जोड़ने और सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए जागरूक रहने की अपील की। विधायक ने कहा कि सरकार गांवों तक बुनियादी सुविधाएं पहुंचाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।

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मौके पर बीडीओ प्रधानमाझी, पीएचईडी के कार्यपालक अभियंता ललित इंदवार, सहायक अभियंता मांगीलाल गिलुवा, जूनियर इंजीनियर प्रकाश रंजन गुप्ता और समन्वयक जियाउल हक मौजूद थे। अधिकारियों ने गांव में चापाकल लगाने के लिए संभावित स्थानों का निरीक्षण भी किया।

अधिकारियों ने बताया कि रास्ते की स्थिति अनुकूल होने पर अगले एक सप्ताह के भीतर चापाकल लगाने का प्रयास किया जाएगा। वहीं बीडीओ प्रधानमाझी ने कहा कि ग्रामीणों की सहमति मिलने पर बरसात के बाद गांव में बिरसा सिंचाई कूप की भी स्वीकृति दी जाएगी, जिससे खेती और पानी दोनों की समस्या में राहत मिलेगी।

जोजोबाटा टोला में रहने वाले 16 परिवार आज भी सड़क और मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं। ग्रामीणों ने कहा कि पहली बार उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुना गया है और अब उन्हें उम्मीद है कि गांव में जल्द ही पेयजल संकट का समाधान होगा।

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