होम 

राज्य

नौकरी

राजनीति

देश दुनिया

योजना

खेल समाचार

टेक

जमशेदपुर

धर्म-समाज  

वेब स्टोरी 

Provider 1 Provider 2

---Advertisement---

[smartslider3 slider="9"]

[smartslider3 slider="8"]

 

 

आदित्यपुर : दिंदली मौजा प्रकरण में झामुमो प्रतिनिधिमंडल सक्रिय, नगर निगम की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल, राजस्व ग्राम की मूल पहचान के मुद्दे पर प्रशासन से स्पष्ट और त्वरित जवाब की मांग, देखें.Video…

By Balram Panda

Published on:

 

---Advertisement---

[smartslider3 slider="10"]

[smartslider3 slider="7"]

आदित्यपुर / Balram Panda : नगर निगम क्षेत्र में राजस्व ग्रामों के नामों से जुड़ा नया विवाद बुधवार को उस समय उभरकर सामने आया जब आदित्यपुर नगर झामुमो कमेटी का प्रतिनिधिमंडल नगर निगम कार्यालय पहुंचा और राजस्व ग्रामों की मूल पहचान के साथ कथित छेड़छाड़ पर कड़ा विरोध दर्ज कराया. प्रतिनिधिमंडल ने नगर निगम प्रशासक से मिलकर इस गंभीर विषय पर तत्काल सुधार की मांग की.

Provider 1 Provider 2

Video…

कमेटी के सदस्यों ने आरोप लगाया कि राजस्व ग्राम “दिंदली मौजा” को कई सरकारी दस्तावेजों और अभिलेखों में गलत तरीके से “बस्ती” के रूप में दर्शाया जा रहा है, उनका कहना था कि यह न केवल प्रशासनिक लापरवाही है बल्कि झारखंड की अस्मिता, स्थानीय इतिहास और पारंपरिक पहचान के साथ बड़ा अन्याय है. नेताओं ने स्पष्ट कहा कि किसी भी राजस्व ग्राम को “बस्ती” कहकर संबोधित करना उसकी ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और संवैधानिक पहचान को कमजोर करने के बराबर है.

Provider 1 Provider 2

Video…

प्रतिनिधिमंडल ने मांग की कि सरकारी फाइलों, नक्शों, योजनाओं तथा सभी अभिलेखों में “बस्ती” जैसे शब्दों का प्रयोग तत्काल रोका जाए और उसकी जगह “राजस्व ग्राम”, “आदर्श ग्राम” अथवा “मूल ग्राम” जैसे सटीक एवं सम्मानजनक शब्दों का उपयोग किया जाए. उन्होंने प्रशासन की उदासीनता पर सवाल उठाते हुए कहा कि वर्षों से चल रही इस गंभीर गलती को किसी अधिकारी ने सुधार का प्रयास तक नहीं किया.

इस दौरान कमेटी ने यह मुद्दा भी मजबूती से उठाया कि आदित्यपुर के विकास हेतु रैयतों द्वारा दान की गई जमीन का सरकार और नगर निगम की ओर से उचित सम्मान नहीं किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि जिन पूर्वजों की जमीन पर आज पार्क, सड़कें, खेल मैदान और अन्य सार्वजनिक सुविधाएं बनी हैं, उनके योगदान का स्पष्ट उल्लेख जरूरी है, वरना आने वाली पीढ़ियाँ अपने इतिहास और पूर्वजों के त्याग से अनभिज्ञ रह जाएंगी.

प्रतिनिधिमंडल ने प्रशासन को चेतावनी दी कि यदि इस विषय पर शीघ्र और ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो कमेटी जन आंदोलन शुरू करने के लिए बाध्य होगी. यह मामला स्थानीय लोगों के बीच भी नाराज़गी का कारण बना हुआ है और अब नगर निगम पर निर्णायक कार्रवाई का दबाव बढ़ रहा है.

इस मौके पर झामुमो के महानगर सचिव कृष्णा चंद्र महतो ने कहा कि राजस्व ग्रामों का नाम बदलना या गलत तरीके से दर्ज करना सिर्फ एक गलती नहीं, बल्कि हमारी मिट्टी, हमारी पहचान और हमारे पूर्वजों के सम्मान के साथ खिलवाड़ है. आदित्यपुर की अस्मिता से समझौता किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा. हम तथ्य और सम्मान दोनों की रक्षा के लिए हर स्तर पर संघर्ष करेंगे.

मौके पर रामू महतो (नगर सचिव), शंकर मुखी (नगर उपाध्यक्ष), अभी मुखी (नगर सहसचिव), डोनाल्ड मंडल (नगर कोषाध्यक्ष), रविंद्र बास्के (समाजसेवी), जगदीश महतो (जिला सह सचिव), शिव लोहार (समाजसेवी), राहुल मुखी (समाजसेवी) सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे.

बाईट-

कृष्णा चंद्र महतो (महानगर सचिव – झामुमो)

 

---Advertisement--- 

 

Related Post

Leave a Comment