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आदिवासी सेंगेल अभियान 17 जनवरी से शुरू करेगा “मारंग बुरू बचाओ भारत यात्रा”, कहा- पारसनाथ पहाड़ आदिवासियों का ईश्वर, जैन धर्मावलंबियों ने हड़प लिया

By Goutam

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सोशल संवाद/जमशेदपुर: सेंगेल के राष्ट्रीय अध्यक्ष पूर्व सांसद सालखन मुर्मू ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए कहा है कि झारखंड के गिरिडीह जिला में अवस्थित पारसनाथ पहाड़ अर्थात ‘मारंग बुरू’ आदिवासियों का ईश्वर है। जिसे जैन धर्मावलंबियों ने हड़प लिया है। झारखंड सरकार ने भी अपने 5 जनवरी को भारत सरकार को प्रेषित पत्र द्वारा मारंग बुरू जैनों को सौंपने का काम किया है। दुनिया भर के आदिवासियों के साथ धोखा किया है।

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उन्होंने कहा कि यह आदिवासियों के लिए अयोध्या के राम मंदिर से कम महत्वपूर्ण नहीं है। मारंग बुरू की रक्षा आदिवासी अस्तित्व, पहचान और हिस्सेदारी की रक्षा है। अतएव आदिवासी सेंगेल अभियान ने फैसला किया है कि 17 जनवरी 2023 को जमशेदपुर से “मारंग बुरू बचाओ भारत यात्रा” शुरू करेगा। जिसका नेतृत्व सेंगेल के राष्ट्रीय अध्यक्ष पूर्व सांसद सालखन मुर्मू करेंगे। जो देश के विभिन्न राज्यों के आदिवासी बहुल जिलों में जनसभा करेंगे, जनता को जागरूक करेंगे।

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उन्होंने बताया कि फिलहाल यह यात्रा  फरवरी 2023 के अंत तक चलेगा। 18 को रांची, 19 को रामगढ़, 20 को हज़ारीबाग़, 21 को जामताड़ा, 22 को दुमका, 23 को गोड्डा ज़िलों का यात्रा किया जायेगा। भारत यात्रा के दौरान 2023 में हर हाल में सरना धर्म कोड की मान्यता,  कुरमी एसटी का मामला, झारखंड में प्रखंडवार नियोजन नीति लागू करना, देश के सभी पहाड़ पर्वतों को आदिवासियों को सौंपने का मामला आदि मुद्दों पर प्रकाश डाला जाएगा। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को भी पत्र प्रेषित कर इन विषयों की जानकारी प्रदान कर दी गई है।

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करनडीह स्थित ऑल इंडिया संताली एजुकेशन काउंसिल के प्रांगण में सेंगेल के सप्ताहिक सरना प्रार्थना सभा में भारत यात्रा की घोषणा की गई। प्रथम स्वतंत्रता संग्रामी तिलका मुर्मू के जन्म जयंती पर 11 फरवरी 2023 को रांची मोरहाबादी मैदान में मारंग बुरु- सरना महाधरना का आयोजन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर किया जाएगा और डॉक्टर भीमराव अंबेडकर की जयंती 14 अप्रैल 2023 को राष्ट्रीय आदिवासी एकता महासभा का आयोजन भी मोरहाबादी मैदान, रांची में किया जाएगा।

सेंगेल के पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 17 जनवरी 2023 को 5 प्रदेशों के 50 जिले मुख्यालय में मरांग बुरु बचाओ के लिए धरना प्रदर्शन होगा और राष्ट्रपति को ज्ञापन प्रेषित किया जाएगा। उसी प्रकार 30 जनवरी 2023 को 5 प्रदेशों के 50 जिले मुख्यालय में सरना धर्म कोड की मान्यता और अन्य आदिवासी मामलों के लिए मशाल जुलूस निकाला जाएगा।

सरना प्रार्थना सभा का संचालन सेंगेल के जिलाध्यक्ष सीताराम माझी और अध्यक्षता सेंगेल के केंद्रीय संयोजक बिरसा मुर्मू ने किया। इसमें सेंगेल के सालखन मुर्मू, सुमित्रा मुर्मू के अलावे जूनियर मुर्मू, वासुदेव मुर्मू, अर्जुन मुर्मू, भागीरथी मुर्मू, छिता मुर्मू, सिदो मुर्मू, रामराय मुर्मू, सोनोत बास्के, ममता टुडू, जयललिता टुडू, मंगल अलडा, सीतामणी हांसदा, माईनो हांसदा आदि नेतागण शामिल हुए।

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