होम 

राज्य

नौकरी

राजनीति

देश दुनिया

योजना

खेल समाचार

टेक

जमशेदपुर

धर्म-समाज  

वेब स्टोरी 

---Advertisement---

Resized Sharma Furniture Banner 1-01-01
previous arrow
next arrow
01 (48)
previous arrow
next arrow

 

 

आदिवासी सामाजिक मंच कुचाई ने मनाया विश्व आदिवासी दिवस, जल, जंगल, जमीन के संरक्षक और प्रकृति के सच्चे सेवक हैं आदिवासी समुदाय: दशरथ गागराई

By Goutam

Published on:

 

आदिवासी सामाजिक मंच

---Advertisement---

04
previous arrow
next arrow

जनसंवाद, खरसावां (उमाकांत कर) : प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष भी बिरसा स्टेडियम कुचाई में आदिवासी सामाजिक मंच के द्वारा काफी धूमधाम से विश्व आदिवासी दिवस मनाया गया। जिसमें बतौर मुख्य अतिथि के रूप में स्थानीय विधायक दशरथ गागराई शामिल हुए। विधायक व समुदाय के गणमान्य लोगों ने बिरसा मुंडा के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की और कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

मौके पर विधायक दशरथ गागराई ने कार्यक्रम को संबोधन करते हुए। आदिवासी दिवस की सभी को बधाई दी और कहा कि आज का दिन आदिवासी समुदायों के लिए उनके अधिकार,संस्कृति और सम्मान बढ़ाने को लेकर समर्पित है। आज के दिन का उद्देश्य है आदिवासी लोगों की विविधता और सांस्कृतिक योगदान को बढ़ावा देना। साथ ही उनकी रक्षा मानवाधिकार और सामाजिक न्याय को भी सुरक्षित रखना। आदिवासी की पहचान जल जंगल जमीन से है। आदिवासी जल जंगल जमीन के संरक्षक और प्रकृति के सच्चे सेवक हैं। ‌समाज की उत्थान के लिए हमें एक होने की जरूरत है।

वहीं मुन्ना सोय ने कहा कि आदिवासी वीर शहीदों ने न सिर्फ झारखंड राज्य की लड़ाई में बल्कि देश की आजादी की लड़ाई में भी अहम भूमिका निभाई है। इन सभी नायकों का सम्मान होना चाहिए।और आदिवासियों के अधिकारों की रक्षा होनी चाहिए। वहीं धर्मेंद्र कुमार मुंडा ने कहा कि झारखंड में कई आदिवासी क्रांतिकारी नायक शहीद हुए‌।भगवान बिरसा मुंडा सिदो कान्हू चंद भैरव समेत कई क्रांतिकारीयों ने अंग्रेजों से लड़ते हुए जल जंगल और जमीन की रक्षा की।

इस दौरान मुख्य रूप से विधायक दशरथ गागराई, समाजसेवी बासंती गागराई, गोलाराम लोवादा मुन्ना सोय धर्मेंद्र कुमार मुंडा लुबुराम सोय लखीराम मुंडा शिबू बांकिरा गणेश भूमिज सुरेश सोय राजेश सोरेन सुखराम मुंडा पार्वती गागराई वर्षा रानी बांकिरा सुश्री बसंती हेंब्रम बनवारी लाल सोय कृष्णा मुंडा रामचंद्र सोय मानकी मुंडा रसाय मुंडा कारू मुंडा आदि उपस्थित थे।

 

Leave a Comment