जनसंवाद, जमशेदपुर। जितिया पर्व के दौरान स्वर्णरेखा नदी के गांधी घाट पर हुए हादसे के बाद पूर्व मंत्री बन्ना गुप्ता स्वर्णरेखा घाट पहुंचे और पीड़ित परिवार से मुलाकात की। हादसे में दो सगी बहनें नदी के तेज बहाव की चपेट में आ गई थीं। स्थानीय लोगों ने एक बच्ची को बचा लिया, जबकि दूसरी बच्ची की तलाश जारी रही।
पीड़ित परिवार से मिलकर जताई संवेदना
घटना की जानकारी मिलने के बाद बन्ना गुप्ता घाट पहुंचे और परिवार से मुलाकात कर उनकी पीड़ा साझा की। उन्होंने इस कठिन परिस्थिति में परिवार को हर संभव मदद का भरोसा दिलाया तथा दिवंगत बच्ची के लिए संवेदना व्यक्त की।
गोताखोरों का बढ़ाया हौसला
बच्ची की तलाश में जुटे स्थानीय गोताखोरों से भी बन्ना गुप्ता ने मुलाकात की। उन्होंने नदी में उतरकर तलाश अभियान में जुटे गोताखोरों के साहस और समर्पण की सराहना की तथा उन्हें आर्थिक सहयोग भी किया।

उन्होंने कहा कि अपनी जान की परवाह किए बिना दूसरों की मदद के लिए नदी में उतरना साहस और इंसानियत की मिसाल है।
बच्ची को बचाने वाले युवक को ₹5 हजार की प्रोत्साहन राशि
हादसे के दौरान एक बच्ची की जान बचाने वाले साहसी युवक का भी बन्ना गुप्ता ने विशेष रूप से आभार जताया। उन्होंने युवक को 5,000 रुपये की प्रोत्साहन राशि देकर सम्मानित किया।
बन्ना गुप्ता ने कहा कि दुख की घड़ी में पीड़ित परिवार के साथ खड़ा होना ही सच्ची इंसानियत है। उन्होंने दिवंगत बच्ची की आत्मा की शांति और परिवार को इस असहनीय दुःख को सहने की शक्ति देने की प्रार्थना की।

















