जनसंवाद, खरसावां (उमाकांत कर)। खरसावां प्रखंड की तिलाईडीह पंचायत अंतर्गत बड़ाकुड़मा गांव में मां तारणी पूजा के उपलक्ष्य में आयोजित धार्मिक अनुष्ठान के तहत सोमवार को विधि-विधान और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच चंडी पाठ का आयोजन किया गया। इस दौरान गांव और आसपास का क्षेत्र पूरी तरह भक्तिमय वातावरण में डूबा रहा। श्रद्धालुओं के “जय मां तारणी” के जयघोष से पूरा इलाका गुंजायमान हो उठा।
मां तारणी पूजा को लेकर सुबह से ही श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखा गया। पूजा स्थल को आकर्षक ढंग से सजाया गया था। कार्यक्रम की शुरुआत वैदिक मंत्रोच्चार और पूजा-अर्चना से हुई, जिसके बाद विद्वान आचार्यों ने चंडी पाठ का पाठ किया। बड़ी संख्या में महिला एवं पुरुष श्रद्धालुओं ने इसमें भाग लेकर मां तारणी की आराधना की तथा क्षेत्र में सुख-समृद्धि, शांति और जनकल्याण की कामना की।
धार्मिक अनुष्ठान के दौरान भजन-कीर्तन और देवी स्तुति से पूरा परिसर भक्तिमय बना रहा। पारंपरिक वेशभूषा में महिलाओं ने पूजा-अर्चना में भाग लेकर अपनी आस्था व्यक्त की। कई श्रद्धालुओं ने अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए विशेष पूजा भी की।
आयोजन समिति के वसंत मिश्रा ने बताया कि मां तारणी पूजा क्षेत्र की प्राचीन धार्मिक परंपराओं का हिस्सा है और प्रत्येक वर्ष श्रद्धा एवं उत्साह के साथ इसका आयोजन किया जाता है। उन्होंने कहा कि चंडी पाठ, भजन-कीर्तन और अन्य धार्मिक कार्यक्रमों के माध्यम से धार्मिक एवं सांस्कृतिक चेतना को बढ़ावा मिलता है। दूर-दराज के गांवों से भी श्रद्धालु मां तारणी के दर्शन और पूजा के लिए यहां पहुंचते हैं।
कार्यक्रम के दौरान श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद का वितरण किया गया। आयोजन समिति और ग्रामीणों ने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं की थीं। धार्मिक आयोजन के माध्यम से क्षेत्र में सामाजिक एकता, भाईचारे और आध्यात्मिक चेतना को भी बल मिला।
इस अवसर पर भरत मिश्रा, चक्रधर मिश्रा, शिवचरण दास, परशुराम प्रधान, धनीराम मिश्रा, बालमीक प्रधान, लव किशोर प्रधान और सरोज प्रमाणिक सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।

















