जमशेदपुर / Balram Panda: टाटानगर रेलवे स्टेशन पर सोमवार को उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब करीब 30 वर्षीय एक युवक खड़ी टाटा-दानापुर एक्सप्रेस की छत पर जा चढ़ा, प्लेटफॉर्म पर मौजूद यात्रियों और रेलकर्मियों ने युवक को नीचे उतरने के लिए काफी समझाया, लेकिन उसने किसी की बात नहीं मानी। इसी दौरान वह ट्रेन के ऊपर से गुजर रहे हाईटेंशन विद्युत तार की चपेट में आ गया, करंट की चपेट में आने से युवक बुरी तरह झुलस गया और ट्रेन की छत से नीचे गिर पड़ा.
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, युवक की पहचान सागु राम के रूप में हुई है, बताया जा रहा है कि वह अचानक ट्रेन की छत पर चढ़ गया और वहां घूमने लगा, लोगों ने उसे नीचे उतरने के लिए समझाया, लेकिन वह छत के रास्ते ट्रेन के एक छोर से दूसरे छोर तक जाने की बात कहता रहा। इसी दौरान वह ऊपर से गुजर रहे हाईटेंशन तार के संपर्क में आ गया.
हाई वोल्टेज करंट की चपेट में आते ही युवक गंभीर रूप से झुलस गया, करंट लगने के बाद उसका संतुलन बिगड़ा और वह ट्रेन की छत से नीचे गिर पड़ा, घटना के बाद स्टेशन पर मौजूद यात्रियों के बीच हड़कंप मच गया. रेल कर्मचारियों और आसपास मौजूद लोगों ने तत्काल युवक को संभाला और इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया, वहां उसका उपचार जारी है, प्रारंभिक जानकारी के अनुसार फिलहाल उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है.
घटना ने रेलवे स्टेशन की सुरक्षा व्यवस्था और प्रतिबंधित क्षेत्रों में निगरानी को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि ट्रेन की छत पर चढ़ना पूरी तरह प्रतिबंधित है और रेलवे की ओर से लगातार यात्रियों को हाईटेंशन तारों के खतरे के प्रति आगाह किया जाता है, इसके बावजूद युवक का ट्रेन की छत तक पहुंच जाना गंभीर मामला है.
रेलवे ट्रैक के ऊपर से गुजरने वाले विद्युत तारों में अत्यंत खतरनाक वोल्टेज रहता है, इनके संपर्क में आने पर करंट लगने के साथ मौत तक हो सकती है, गनीमत रही कि इस घटना में युवक की जान बच गई, लेकिन हादसे ने एक बार फिर रेलवे परिसर में सुरक्षा नियमों के पालन की गंभीरता को सामने ला दिया है.
रेलवे की ओर से यात्रियों से अपील की गई है कि वे किसी भी परिस्थिति में ट्रेन की छत, रेलवे ट्रैक या प्रतिबंधित क्षेत्र में प्रवेश न करें, जरा सी लापरवाही जिंदगी पर भारी पड़ सकती है.

















