होम 

राज्य

नौकरी

राजनीति

देश दुनिया

योजना

खेल समाचार

टेक

जमशेदपुर

धर्म-समाज  

वेब स्टोरी 

---Advertisement---

Resized Sharma Furniture Banner 1-01-01
previous arrow
next arrow
01 (48)
previous arrow
next arrow

 

 

विद्या भारती चिन्मय विद्यालय में समष्टि गीता पाठ का भव्य आयोजन, ‘चिन्मय अमृत महोत्सव’ में उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब

By Goutam

Published on:

 

---Advertisement---

XAVIER PUBLIC SCHOOl
previous arrow
next arrow
04
previous arrow
next arrow

 

जनसंवाद, जमशेदपुर: चिन्मय मिशन जमशेदपुर द्वारा ‘चिन्मय अमृत महोत्सव’ के पावन अवसर पर टेल्को स्थित विद्या भारती चिन्मय विद्यालय में भक्ति, श्रद्धा और आध्यात्मिक चेतना से परिपूर्ण वातावरण में समष्टि गीता पाठ का भव्य एवं गरिमामय आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम 30 जनवरी 2026 (शुक्रवार) को विद्यालय परिसर स्थित मिनी स्टेडियम में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।

इस विशेष आध्यात्मिक आयोजन में भगवद्गीता के अध्याय 12 एवं 15 का सामूहिक, सस्वर और श्रद्धापूर्ण पाठ किया गया। कार्यक्रम का मूल भाव था— “अपने भीतर श्रीकृष्ण का आह्वान करें, अपने भीतर गुरुदेव का आह्वान करें।”

कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन एवं मंगलाचरण के साथ हुआ। इसके पश्चात चिन्मय मिशन के 75 गौरवपूर्ण वर्षों की आध्यात्मिक एवं सेवा यात्रा पर प्रकाश डाला गया। उपस्थित विशिष्ट अतिथियों द्वारा पुष्पांजलि अर्पित की गई। इसके बाद गुरु स्तोत्रम्, गीता पाठ (अध्याय 12 एवं 15), गीता पंचामृत तथा भजन-कीर्तन के माध्यम से सम्पूर्ण वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से ओत-प्रोत हो गया।

इस अवसर पर चिन्मय मिशन के अध्यक्ष आदरणीय श्री बी. सुरेन्द्रनाथ जी ने अपने प्रेरणादायी संबोधन में कहा कि भगवद्गीता का संदेश केवल श्रवण के लिए नहीं, बल्कि जीवन में आत्मसात करने के लिए है। उन्होंने गीता को जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में मार्गदर्शक बताते हुए उसके आदर्शों को अपनाने का आह्वान किया।

कार्यक्रम में विशेष रूप से टाटा कमिन्स के प्लांट मैनेजर एवं डायरेक्टर श्री अजितेश मोंगा, विद्यालय प्रबंध समिति के अध्यक्ष श्री संजय सिंहा, पूर्व अध्यक्ष श्री मानस मिश्रा, सचिव श्री विष्णु चंद्र दीक्षित, चिन्मय मिशन के विशिष्ट सदस्यगण, विद्यालय की प्राचार्या श्रीमती मीना विल्खू, उप-प्राचार्य, पूर्व शिक्षक-शिक्षिकाएं तथा अन्य गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।

कार्यक्रम का समापन चिन्मय आरती एवं शांति पाठ के साथ श्रद्धा एवं अनुशासनपूर्ण वातावरण में किया गया। इस पावन आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं, साधकों, शिक्षकों, विद्यार्थियों एवं अभिभावकों की सहभागिता रही, जिससे कार्यक्रम अत्यंत सफल और स्मरणीय बन गया।

विद्यालय की प्राचार्या श्रीमती मीना विल्खू ने कहा कि भगवद्गीता केवल एक ग्रंथ नहीं, बल्कि जीवन को सही दिशा देने वाली दिव्य मार्गदर्शिका है। उन्होंने बताया कि ऐसे आयोजनों से विद्यार्थियों एवं समाज में संस्कार, सेवा-भाव और आध्यात्मिक चेतना का विकास होता है। साथ ही उन्होंने चिन्मय मिशन के 75 वर्षों की साधना को प्रेरणास्रोत बताते हुए सभी श्रद्धालुओं, अभिभावकों और अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त किया।

 

Leave a Comment