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जमशेदपुर : राष्ट्रीय फाउंड्री दिवस पर तकनीकी उत्कृष्टता और नवाचार पर जोर, वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए उद्योग को तैयार करने का आह्वान…

By Balram Panda

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जमशेदपुर : इंस्टीट्यूट ऑफ इंडियन फाउंड्रीमेन (आईआईएफ), जमशेदपुर चैप्टर की ओर से 77वां राष्ट्रीय फाउंड्री दिवस सोमवार को टाटा मोटर्स लिमिटेड के मैनेजमेंट ट्रेनिंग सेंटर में उत्साह और गरिमामय वातावरण में मनाया गया, समारोह में फाउंड्री उद्योग से जुड़े वरिष्ठ अधिकारियों, उद्योग प्रतिनिधियों, तकनीकी विशेषज्ञों और आईआईएफ के सदस्यों ने भाग लिया, कार्यक्रम में फाउंड्री क्षेत्र की मौजूदा औद्योगिक प्रवृत्तियों, तकनीकी बदलावों और भविष्य की चुनौतियों पर विस्तार से विचार-विमर्श हुआ.

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कार्यक्रम की शुरुआत आईआईएफ जमशेदपुर चैप्टर के अध्यक्ष ब्रजेश कुमार सिंह के स्वागत संबोधन से हुई। इसके बाद अतिथियों ने दीप प्रज्वलित कर समारोह का विधिवत उद्घाटन किया, आईआईएफ जमशेदपुर चैप्टर के पूर्व अध्यक्ष डॉ. डी.एस. पदान ने राष्ट्रीय फाउंड्री दिवस के महत्व पर प्रकाश डालते हुए भारतीय फाउंड्री उद्योग के विकास और तकनीकी प्रगति को रेखांकित किया, उन्होंने आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में फाउंड्री उद्योग की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया.

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मुख्य वक्ता एस.वी.एस. त्यागी और अमिया कुमार सिंघा ने फाउंड्री क्षेत्र में तेजी से हो रहे तकनीकी बदलाव, गुणवत्ता सुधार, उत्पादन क्षमता बढ़ाने और वैश्विक प्रतिस्पर्धा जैसी चुनौतियों पर अपने विचार रखे, उन्होंने उद्योग जगत से नवाचार, कौशल विकास और सतत सुधार को प्राथमिकता देने का आह्वान किया.

विशिष्ट अतिथि नितिन कनवाड़े, हेड-इंजन, ने विनिर्माण क्षेत्र में फाउंड्री उद्योग के योगदान की सराहना करते हुए उद्योग और अकादमिक संस्थानों के बीच बेहतर तालमेल की जरूरत बताई, वहीं, मुख्य अतिथि अजितेश मोंगा, प्लांट हेड, टाटा कमिंस, ने भारतीय फाउंड्री उद्योग की उपलब्धियों और भविष्य की संभावनाओं पर चर्चा की, उन्होंने वैश्विक बाजार में भारतीय उद्योग की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता बढ़ाने के लिए तकनीकी उत्कृष्टता, नवाचार और पर्यावरणीय स्थिरता को अपनाने पर जोर दिया.

अध्यक्ष ब्रजेश कुमार सिंह ने कहा कि राष्ट्रीय फाउंड्री दिवस केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि उद्योग के समृद्ध इतिहास, उपलब्धियों और भविष्य की जिम्मेदारियों को समझने का अवसर है, उन्होंने उद्योग के विकास के साथ ज्ञान और अनुभव साझा करने की परंपरा को और मजबूत करने की बात कही.

समारोह के दौरान तकनीकी सत्रों और संवाद के माध्यम से प्रतिभागियों ने फाउंड्री उद्योग की नवीनतम औद्योगिक प्रवृत्तियों, तकनीकी चुनौतियों और संभावित अवसरों पर महत्वपूर्ण जानकारी हासिल की। कार्यक्रम का समापन आपसी संवाद और धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ.

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