जनसंवाद, जमशेदपुर। Jamshedpur Women’s University के बिष्टुपुर परिसर में “व्यक्तित्व विकास में हस्तलेखन का महत्व” विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ (IQAC), वाणिज्य विभाग, व्यवसाय प्रबंधन विभाग, हिंदी विभाग तथा मुंबई स्थित ग्राफोलॉजिस्ट सोसाइटी के संयुक्त तत्वावधान में संपन्न हुआ।

कार्यक्रम माननीय कुलपति प्रो. (डॉ.) इला कुमार के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया। इस अवसर पर IQAC डायरेक्टर डॉ. रत्ना मित्रा, वाणिज्य विभागाध्यक्ष डॉ. कामिनी कुमारी, डॉ. पुष्पा कुमारी एवं डॉ. छगन लाल अग्रवाल ने आयोजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
कार्यक्रम की शुरुआत स्वागत भाषण से हुई, जिसमें डॉ. कामिनी कुमारी ने हस्तलेखन को व्यक्ति के व्यक्तित्व और अनुशासन का दर्पण बताया। इसके बाद विद्यार्थियों के हस्तलेखन के नमूने एकत्र कर उनका विश्लेषण किया गया और सुधार के सुझाव दिए गए।

कार्यशाला की मुख्य वक्ता रिंकू अग्रवाल ने ग्राफोलॉजी के महत्व और उसमें करियर की संभावनाओं पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि हस्तलेखन विश्लेषण फॉरेंसिक विज्ञान और अपराध जांच में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। साथ ही उन्होंने समझाया कि लेखन के बाएँ और दाएँ मार्जिन व्यक्ति के मनोवैज्ञानिक व्यवहार को दर्शाते हैं तथा लेखन शैली व्यक्ति के गुणों और व्यक्तित्व को परिभाषित करती है।
कार्यक्रम के अंत में प्रश्नोत्तर सत्र आयोजित किया गया, जिसमें विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए विषय से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रश्न पूछे और अपनी जिज्ञासाओं का समाधान प्राप्त किया।
यह कार्यशाला विद्यार्थियों के लिए ज्ञानवर्धक और उपयोगी साबित हुई। अंत में धन्यवाद ज्ञापन डॉ. पुष्पा कुमारी द्वारा किया गया।
















