Advertisement

ऑटो किराया बढ़ाने के फैसले पर बोले सौरभ विष्णु- मैं सरकारी बस से चलना चाहता हूँ मगर जमशेदपुर में सरकारी बस चलती ही नहीं, डीटीओ और प्रशासन जिम्मेदार

By Goutam

Published on:

जनसंवाद, जमशेदपुर। शहर में ऑटो किराया बढ़ाने के फैसले के बाद जन विकास मंच के प्रमुख एवं पूर्व लोकसभा प्रत्याशी सौरभ विष्णु ने जिला प्रशासन और परिवहन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए सरकारी बस सेवा को तत्काल बहाल करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि जब शहर में सस्ती, सुरक्षित और व्यवस्थित सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था उपलब्ध ही नहीं है, तब बार-बार ऑटो किराया बढ़ाकर आम जनता पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालना उचित नहीं है।

Advertisement
Advertisement

सौरभ विष्णु ने बताया कि इस संबंध में उन्होंने उपायुक्त को पत्र लिखकर जमशेदपुर में सरकारी बस परिवहन सेवा शुरू कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि शहर में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को सुचारू बनाना तथा निजी और सरकारी बसों के संचालन की निगरानी करना जिला परिवहन पदाधिकारी (डीटीओ) की जिम्मेदारी है, लेकिन इस दिशा में अपेक्षित पहल नहीं की जा रही है।

Dayal Builder
Srinath

उन्होंने कहा कि एक समय टाटानगर रेलवे स्टेशन से टेल्को, बारीडीह, बर्मामाइंस होते हुए साकची तक नियमित सिटी बस सेवा संचालित होती थी। साकची से शहर के विभिन्न इलाकों तक लोगों को आसानी से बसें उपलब्ध हो जाती थीं। लेकिन वर्तमान में सरकारी बसें पूरी तरह सड़कों से गायब हैं, जिसके कारण लोग मजबूरी में ऑटो पर निर्भर हो गए हैं।

Advertisement

सौरभ विष्णु ने सवाल उठाते हुए कहा कि करोड़ों रुपये खर्च कर खरीदी गई सिटी बसें आखिर कहां खड़ी-खड़ी खराब हो रही हैं। यदि ये बसें जनता की सुविधा के लिए खरीदी गई थीं तो उन्हें दोबारा सड़कों पर क्यों नहीं उतारा जा रहा है। उन्होंने याद दिलाया कि वर्ष 2022 में भी सिटी बस सेवा को पुनः शुरू करने की घोषणा की गई थी, लेकिन अब तक यह योजना धरातल पर नहीं उतर सकी है।

उन्होंने निजी बस सेवाओं की स्थिति पर भी चिंता जताई। उनका कहना है कि शहर में चलने वाली अधिकांश निजी बसों का कोई निर्धारित समय नहीं है। यात्रियों को यह जानकारी तक नहीं होती कि बस कब आएगी और कब जाएगी। महिलाओं, बुजुर्गों और दिव्यांगजनों के लिए भी पर्याप्त सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं, जिससे उन्हें रोजाना परेशानियों का सामना करना पड़ता है।

सौरभ विष्णु ने आरोप लगाया कि परिवहन व्यवस्था की मूल समस्याओं का समाधान करने के बजाय ऑटो किराया बढ़ाने जैसे फैसलों के माध्यम से वास्तविक मुद्दों से ध्यान भटकाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने मांग की कि जमशेदपुर में तत्काल सरकारी सिटी बस सेवा बहाल की जाए तथा साकची को केंद्र बनाकर शहर के सभी प्रमुख इलाकों को जोड़ने वाले रूटों पर नियमित बसों का संचालन शुरू किया जाए।

उन्होंने कहा, “मैं जमशेदपुर में आम आदमी की तरह सरकारी बस से चलना चाहता हूं, लेकिन शहर में सरकारी बस चलती ही नहीं है। जब तक सस्ती, सुरक्षित और भरोसेमंद सार्वजनिक बस सेवा शुरू नहीं होगी, तब तक किराया वृद्धि का सबसे अधिक असर आम जनता पर ही पड़ेगा।

ताजा खबरें

WhatsApp