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सोना देवी विश्वविद्यालय के किताडीह कैंपस में पहली बार ओरिएंटेशन कार्यक्रम आयोजित, CEO के. रवि कुमार बोले- मोबाइल का सदुपयोग करें; कुलाधिपति प्रभाकर सिंह बोले- जॉब क्रिएटर बनें

By Goutam

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सोना देवी विश्वविद्यालय इंडक्शन प्रोग्राम

जनसंवाद, घाटशिला/जमशेदपुर। सोना देवी विश्वविद्यालय के चौथे इंडक्शन कम ओरिएंटेशन कार्यक्रम का आयोजन 13 अगस्त को घाटशिला के किताडीह स्थित विश्वविद्यालय परिसर में किया गया। विश्वविद्यालय के इस परिसर में पहली बार ओरिएंटेशन कार्यक्रम आयोजित होने से नव नामांकित विद्यार्थियों में खासा उत्साह देखने को मिला।

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कार्यक्रम में झारखंड के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ समय प्रबंधन, मेहनत और तकनीक के सही इस्तेमाल का संदेश दिया।

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CEO के रवि कुमार बोले- मोबाइल का सदुपयोग करें

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मुख्य अतिथि के. रवि कुमार ने विद्यार्थियों से कहा कि मोबाइल फोन का उपयोग सोच-समझकर और सकारात्मक तरीके से करें। उन्होंने कहा कि जीवन आपके अपने हाथों में है और समय का ध्यान रखना सफलता के लिए जरूरी है।

उन्होंने विद्यार्थियों को मेहनत और लगन के साथ काम करने की सलाह दी। साथ ही विषय के अनुसार भाषा का चुनाव करने की बात कही। उन्होंने अभिभावकों से भी विद्यार्थियों के सकारात्मक विकास पर ध्यान देने और उन्हें उचित मार्गदर्शन देने की अपील की।

कुलाधिपति प्रभाकर सिंह ने कहा- नौकरी तलाशने वाले नहीं, जॉब क्रिएटर बनें

कुलाधिपति प्रभाकर सिंह ने सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए विद्यार्थियों को चरित्र निर्माण और सकारात्मक सोच का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि सोना देवी विश्वविद्यालय के कैंपस को विश्वस्तरीय बनाने का लक्ष्य है, ताकि यहां के विद्यार्थी उद्योग जगत के साथ कदम से कदम मिलाकर चल सकें। उन्होंने कहा कि ज्ञान सिर्फ किताबों के पन्नों तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि ऐसा होना चाहिए जो सोच में बदलाव लाए और नवाचार को जन्म दे।

कुलाधिपति ने विद्यार्थियों से कहा कि वे सिर्फ रोजगार तलाशने वाले युवा न बनें। अपने ज्ञान और रुचि के माध्यम से ऐसा काम करें जिससे समाज को लाभ मिले और वही उनकी आजीविका का साधन भी बने। उन्होंने विद्यार्थियों को जॉब सीकर के बजाय जॉब क्रिएटर बनने के लिए प्रेरित किया।

तकनीक को अपना सेवक बनाकर आगे बढ़ें

प्रभाकर सिंह ने कहा कि जो युवा तकनीक का विवेकपूर्ण इस्तेमाल करते हुए उसे अपना सेवक बनाएगा, वही आने वाले समय में दुनिया का नेतृत्व कर सकेगा। उन्होंने विद्यार्थियों से अपनी स्वतंत्र पहचान बनाने और कार्यों में नैतिकता, ईमानदारी तथा कर्तव्यनिष्ठा बनाए रखने की अपील की।

उन्होंने घाटशिला की धरती से युवाओं का आह्वान करते हुए नकारात्मकता, निराशा और शॉर्टकट का रास्ता छोड़कर अपनी ऊर्जा, रचनात्मकता और तकनीकी ज्ञान के जरिए समृद्ध झारखंड और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में योगदान देने की अपील की।

कुलपति ने कहा- संस्थान की ताकत उसके विचार और मार्गदर्शक

कुलपति डॉ. ब्रज मोहन पाट पिंगुआ ने कार्यक्रम में शामिल अतिथियों का स्वागत किया। उन्होंने अभिभावकों और विद्यार्थियों के प्रति आभार जताते हुए कहा कि ऐसे आयोजन विद्यार्थियों में नई प्रेरणा पैदा करते हैं और नव नामांकित विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय के वातावरण से परिचित होने का अवसर मिलता है। उन्होंने कहा कि किसी भी संस्थान की असली ताकत उसके विचार और उसके मार्गदर्शक होते हैं।

AI और तकनीकी शिक्षा पर विश्वविद्यालय का फोकस

कुलसचिव डॉ. नित नयना ने विश्वविद्यालय की वार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि विद्यार्थियों को इंटर्नशिप के अवसर उपलब्ध कराने के लिए देश के कई बड़े तकनीकी शिक्षण संस्थानों के साथ एमओयू किए गए हैं।

उन्होंने बताया कि सोना देवी विश्वविद्यालय झारखंड की पहली यूनिवर्सिटी है जिसने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के लिए Intel के साथ एमओयू किया है। इसके अलावा विश्वविद्यालय ने School of AI and Computing भी शुरू किया है। एनआईटी जमशेदपुर समेत अन्य संस्थानों के साथ अकादमिक साझेदारी की जानकारी भी दी गई।

उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय में झारखंड के अलावा पश्चिम बंगाल, ओडिशा, बिहार, उत्तर प्रदेश समेत अन्य राज्यों से भी विद्यार्थी आते हैं। उन्होंने इसे विश्वविद्यालय की ताकत बताते हुए विद्यार्थियों से एक-दूसरे की संस्कृति और विचारों से सीखने की अपील की।

विधायक सोमेश चंद्र सोरेन बोले- सिर्फ नामांकन से भविष्य नहीं बनता

घाटशिला विधायक सोमेश चंद्र सोरेन ने विद्यार्थियों से अपने भविष्य निर्माण पर ध्यान देने की अपील की। उन्होंने कहा कि केवल नामांकन लेने से भविष्य नहीं बनता, बल्कि नियमित कक्षा में उपस्थिति और मेहनत से भविष्य तय होता है।

उन्होंने कहा कि वह स्वयं इंजीनियरिंग के विद्यार्थी रहे हैं, इसलिए विद्यार्थियों की भावनाओं को समझते हैं। उन्होंने बताया कि उनके पिता स्वर्गीय रामदास सोरेन का सपना घाटशिला को शिक्षा का केंद्र बनाने का था और वे इस दिशा में हरसंभव प्रयास करेंगे।

समीर मोहंती ने मातृभाषा और मौलिकता पर दिया जोर

बहरागोड़ा विधायक समीर मोहंती ने कहा कि सीखने की प्रक्रिया जीवनभर चलती रहती है। उन्होंने मातृभाषा में पढ़ाई के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि इससे विद्यार्थियों की उपलब्धि बेहतर हो सकती है।

उन्होंने स्वामी विवेकानंद के विचारों के माध्यम से विद्यार्थियों को प्रेरित किया और धैर्य, जिज्ञासा तथा मौलिक सोच के साथ आगे बढ़ने की सलाह दी।

कुणाल षाड़ंगी बोले- कंफर्ट जोन से बाहर निकलें

बहरागोड़ा के पूर्व विधायक कुणाल षाड़ंगी ने कहा कि विश्वविद्यालय में प्रवेश विद्यार्थियों के जीवन की नई शुरुआत है। उन्होंने तकनीकी क्षेत्र में तेजी से हो रहे बदलाव का जिक्र करते हुए विद्यार्थियों से बाजार की जरूरतों के अनुसार खुद को लगातार अपग्रेड करने की अपील की।

उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को अपने कंफर्ट जोन से बाहर निकलकर नई चुनौतियों का सामना करना चाहिए। उन्होंने घाटशिला जैसे क्षेत्र में शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए विश्वविद्यालय की स्थापना को महत्वपूर्ण पहल बताया।

सांस्कृतिक कार्यक्रमों से विद्यार्थियों ने बढ़ाया उत्साह

कार्यक्रम में क्षेत्र के कई गणमान्य लोग, शिक्षाविद्, शिक्षकगण और शौर्य चक्र विजेता कैप्टन जावेद भी शामिल हुए। ब्लॉक प्रमुख सुशीला टुडू ने भी कार्यक्रम में शिरकत की। विश्वविद्यालय के वरिष्ठ छात्र-छात्राओं ने नव नामांकित विद्यार्थियों के स्वागत में विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। कोलकाता से आए बैंड की प्रस्तुति पर विद्यार्थी झूमते नजर आए।

कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलन से हुई। संस्कृत विभाग की सहायक प्राध्यापक कुमारी निकिता ने मंत्रोच्चार किया, जबकि संगीत विभाग की सहायक प्राध्यापक डॉ. संगीता चौधुरी ने कुलगीत प्रस्तुत किया।

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