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खोकरो गांव में पहाड़ी जनजाति परिवारों के साथ मना 80वां स्वतंत्रता दिवस, जन सेवा संघ ट्रस्ट ने बांटी जरूरत की सामग्री

By Goutam

Published on:

खोकरो गांव स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम
दिल्सन
पुरेंद्र
भुगलू
राहुल
वरुण कुमार
विनय

जनसंवाद, जमशेदपुर: देश के 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर जन सेवा संघ ट्रस्ट, बोराम प्रखंड, पहाड़पुर की टीम ने खोकरो गांव में रहने वाले पहाड़ी जनजाति परिवारों के साथ स्वतंत्रता दिवस मनाया। कार्यक्रम के दौरान तिरंगा फहराने के साथ बच्चों के बीच खाद्य सामग्री, पढ़ाई का सामान और खेल सामग्री वितरित की गई।

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बुजुर्ग महिला ने फहराया तिरंगा, गूंजा राष्ट्रगान

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कार्यक्रम की शुरुआत गांव की एक बुजुर्ग महिला के हाथों तिरंगा झंडा फहराने से हुई। इसके बाद सभी ने राष्ट्रगान गाया। पूरे कार्यक्रम के दौरान गांव में देशभक्ति और उत्सव का माहौल बना रहा।

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केक काटकर बच्चों के साथ मनाया जन्मदिन

इस अवसर पर ट्रस्ट की सदस्य सपना थापा की माताजी का जन्मदिन भी मनाया गया। केक काटकर बच्चों के बीच खुशियां बांटी गईं। बच्चों के लिए भोजन और अन्य सामग्री की भी व्यवस्था की गई।

बच्चों के बीच बांटी गई खाद्य सामग्री

ट्रस्ट की ओर से बच्चों के बीच फूड पैकेट वितरित किए गए। इसमें बिस्किट, चॉकलेट, फ्रूटी, क्रीम बन, चिप्स, केला, केक और पानी की बोतल समेत अन्य सामग्री शामिल थी। इसके अलावा बच्चों और ग्रामीणों के लिए मैगी भी तैयार कर खिलाई गई।

पढ़ाई और खेल का सामान भी बांटा

बच्चों को कॉपी-किताबें, बैट-बॉल, फुटबॉल, बैडमिंटन, लूडो, छाता और तिरंगा झंडा वितरित किया गया। परिवारों के बीच चादर, साड़ी, तिरपाल, दरी और चटाई जैसी जरूरत की सामग्री भी बांटी गई। इसके अलावा बच्चों के कपड़े, बच्चियों के ड्रेस और बड़ों के कपड़े भी वितरित किए गए।

ट्रस्ट के सदस्यों और ग्रामीणों ने लिया हिस्सा

कार्यक्रम में निताई गोराई, सूरज कुमार, अभिषेक कुमार, पंकज सिंह, बृज मोहन, विशाल कुमार, कुणाल शर्मा, अमन कुमार, कृष्णा मोहन, हेमंत मेटी, सपना थापा, अमृत कौर, प्रबीर रॉय, अनीशा सिन्हा, अर्चना कुमारी, रीना सोरेन, सुनील गुप्ता, सूरज सिंह, प्रकाश कुमार, अविनाश कुमार और राम ठाकुर सहित ट्रस्ट के अन्य सदस्य और ग्रामीण मौजूद रहे।

अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे खुशियों का संदेश

ट्रस्ट के पदाधिकारियों ने कहा कि स्वतंत्रता का वास्तविक अर्थ तभी सार्थक होगा, जब समाज के अंतिम व्यक्ति तक खुशहाली पहुंचे। उन्होंने कहा कि बच्चों के चेहरे पर मुस्कान लाना ही उनके लिए सबसे बड़ा पुरस्कार है।

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