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जिल जोम कार्यक्रम में शामिल हुईं समाजसेवी बासंती गागराई, कहा— संथाल समाज की सांस्कृतिक एकता और विरासत का अद्वितीय पर्व

By Goutam

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जनसंवाद, खरसावां (उमाकांत कर): सरायकेला प्रखंड के नुवागांव पंचायत अंतर्गत छोटा लुपुंग गांव में संताल आदिवासी समाज द्वारा पारंपरिक जिल जोम कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम संथाल समुदाय के लिए एक महत्वपूर्ण सांस्कृतिक महोत्सव माना जाता है, जो सामुदायिक सद्भाव, पारंपरिक एकजुटता और पारिवारिक संबंधों को मजबूत करने का प्रतीक है।

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कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे विधायक दशरथ गागराई की धर्मपत्नी सह समाजसेवी बासंती गागराई, विधायक प्रतिनिधि अर्जुन उर्फ नायडू गोप, तथा समाज के कई प्रबुद्ध लोग शामिल हुए।

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जिल जोम संथाल समाज की सांस्कृतिक शक्ति का प्रतीक : बासंती गागराई

 कार्यक्रम को संबोधित करते हुए समाजसेवी बासंती गागराई ने कहा— “जिल जोम संथाल समाज का एक विशिष्ट सांस्कृतिक पर्व है, जो एकता, परंपरा और पारिवारिक संबंधों को गहराई से जोड़ता है। यह केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि हमारी सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक एकजुटता का जीवंत उदाहरण है।”

उन्होंने आगे कहा कि यह पर्व समाज को सांस्कृतिक, आर्थिक और भावनात्मक रूप से एकजुट रखने का अद्वितीय प्रयास है। पीढ़ियों के बीच आपसी प्रेम, सम्मान और सामूहिक पहचान को मजबूत बनाने में जिल जोम की महत्वपूर्ण भूमिका है।

जिल जोम कार्यक्रम में मुख्य रूप से केंद्रीय सदस्य रानी हेंब्रम, चंपा हांसदा, फागू हांसदा, महेंद्र हेंब्रम, शिवा मुरमू सहित झामुमो कार्यकर्ता और संथाल समाज के अनेक प्रबुद्धजन उपस्थित थे।  कार्यक्रम के दौरान परंपरागत गीत, नृत्य और सामूहिक भोज ने माहौल को सांस्कृतिक ऊर्जा से भर दिया।

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