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खरसावां : कुचाई के रायसिंदरी में 12 वाँ वनाधिकार स्थापना दिवस पर विधायक दशरथ गागराई हुए शामिल, कहा रायसिंदरी पहाड़ी के हर घर में पुहुंचेगी विकास की किरण…

By Balram Panda

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खरसावां / Umakant Kar : कुचाई प्रखंड क्षेत्र के छोटासेगोई पंचायत अंतर्गत चारो और से घने पहाडी के चोटी पर स्थित मौजा रायसिंदरी में 12वाँ वनाधिकार स्थापना दिवस हर्सोल्लास के साथ मनाया गया। इस बीच ग्रामवासियों द्वारा 10 फीट के नये पत्थर को स्थापित किया गया,जो कि वनाधिकार अधिनियम कानून के प्रभाव क्षेत्र को प्रतिबिंबित करता है. इस अवसर पर वन अधिकार कानून के विशेषज्ञों द्वारा लोगों के बीच में महत्वपूर्ण जानकारी साझा की गई. मूसलधार बारिश के बीच कार्यक्रम में पहुंचे खरसावां विधायक दशरथ गागराई व कोलेबिरा विधायक नमन बिक्सल कोंगारी का ग्रामीणों ने काफी गर्म जोशी से आदिवासी रीति रिवाज के तहत स्वागत किया.

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मौके पर ग्रामीणों को संबोधित करते हुए स्थानीय विधायक दशरथ गागराई ने कहा कि जंगलों से ही आदिवासियों का अस्तित्व जुड़ा हुआ है.उन्होंने वनों को संरक्षित करने पर जोर देते हुए कहा कि वन है. तो ही जीवन है. झारखंड जंगल बचाओ आंदोलन जैसे संगठनों के कारण ही रायसिंदरी जैसे क्षेत्रों में वनों का घनत्व बढ़ा है. उन्होंने आश्वस्त किया कि विधानसभा के अगले सत्र में ग्राम सभा को वन प्रबंधन अधिकार प्रमाण-पत्र दिलाने की मांग को उठाएंगे. उन्होंने कहा कि टीएससी मेंबर की बैठक में सीएम हेमंत सोरेन के समक्ष वनपटा वितरण को लेकर मांग किया ताकि वन क्षेत्र में रहने रहे लोगों को जंगल की रक्षा व अपने अधिकार पर जल्द से जल्द वनपटा उपलब्ध हो सके. विधायक दशरथ गागराई ने कहा कि रायसिंदरी में विकास की एक अलग लकीर खींची जाएगी ताकि पहाड़ी क्षेत्र में बसे सभी आदिवासी समुदाय के लोगों को विकास की किरण से जोड़ा जा सके ‌वही कोलेबिरा विधायक नमन विक्सल कोंगारी ने रायसिंहदिरी की तुलना “सेकेंड कश्मीर” से करते हुए कहा कि यह गांव जंगल संरक्षण और अधिकारों की दृष्टि से पूरे राज्य के लिए प्रेरणा का केंद्र बन गया है. कोंगाडी ने कहा कि वनाधिकार के मामलों को निरंतर सदन में रखता आया हूं. उन्होंने वनाधिकार के मुद्दे को टीएसी में रखने की बात कही. झारखंड जंगल बचाओ आंदोलन के केंद्रीय सदस्य सोहन लाल कुम्हार ने विधायकों का ध्यानाकृष्ट कराते हुए कहा कि अभी तक जितने भी सामुदायिक वनाधिकार प्रणाम पत्र निर्गत किये गये है,उनमें कई खामियां है. उन्होंने कहा कि प्रत्येक ग्राम सभा को दो प्रमाण-पत्र (उपयोग और प्रबंधन) मिलना चाहिए इस मुद्दे को टीएसी में भी उठाने की अपील की. इस दौरान उन्होंने वनाधिकार कानून के विभन्न धाराओं की जानकारी देते हुए वनों के संरक्षरण,प्रबंधन व पुर्नजीवित करने के अधिकारों की जानाकारी दी.

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12 वाँ वनाधिकार स्थापना दिवस पर मुख्य रूप से खरसावां विधानसभा क्षेत्र के लोकप्रिय विधायक माननीय श्री दशरथ गागराई,माननीय विक्शल कोंगाड़ी- विधायक -कोलेविरा,अखौरी प्रवास -FES, श्री सोहन लाल कुम्हार – JJBA, श्री राजेश कुमार महतो-JJBA बोकारो, कुन्दन गुप्ता-राँची, श्रीमति इन्द्राभगत ,श्रीमति सूरजमनी भगत-गर्लस्टार- बुढ़मू,एलेक्स टोप्पो-राँची, विजय भगत तथा अतुल,झारना भगत- बुढ़मू, श्री चोले मुण्डा एवं अन्य 56-हजारीबाग, हीरालाल मुर्मू-ग्राम सभा मंच-रामगढ़, मोतिलाल बेसरा- अध्यक्ष,ग्राम सभा मंच,बोकारो,मीरा,महाराष्ट्र,बाबलू मुर्मू,सरायकेला-खरसावां, मानसिंह मुण्डा, संसद प्रतिनिधि, प्रकाश भारती -JJBA, प्रेम कुमार महतो, सुखराम मुण्डा, भरत सिंह मुण्डा, दामु मुण्डा, देवेन्द्र मण्डा, मंगल सिंह मुण्डा, मुन्नासोय,राहुल सोय, कारु मुंडा कुण्डिया सोय एवं गणमान्य उपस्थित थे.

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