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कुंजाडीह में वार्षिक जंताल पूजा संपन्न, मां पाउड़ी और ग्राम देवता झुमकेशरी के दरबार में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़

By Goutam

Published on:

 

कुंजाडीह जंताल पूजा
 

जनसंवाद, खरसावां (उमाकांत कर)। कुचाई प्रखंड क्षेत्र के कुंजाडीह गांव में वार्षिक जंताल पूजा पारंपरिक आस्था और श्रद्धा के साथ संपन्न हुई। पूजा के अवसर पर गांव समेत आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पूजा स्थलों पर पहुंचे और ग्राम देवी-देवताओं की आराधना कर सुख, शांति एवं समृद्धि की कामना की। पूजा को लेकर पूरे गांव में भक्तिमय वातावरण बना रहा।

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मां पाउड़ी और झुमकेशरी की हुई पूजा-अर्चना

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जंताल पूजा के अवसर पर मां पाउड़ी, अंधारी पाट और ग्राम देवता झुमकेशरी सहित विभिन्न पूजा स्थलों पर विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना की गई। परंपरा के अनुसार देउरी बोलो नायक ने सुबह से उपवास रखकर धार्मिक अनुष्ठान संपन्न कराया। उन्होंने पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार देवी-देवताओं की पूजा की और नए फल, फूल तथा नए धान से तैयार चावल का भोग अर्पित किया।

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श्रद्धालुओं ने की सुख-समृद्धि की कामना

पूजा के दौरान श्रद्धालुओं ने मां पाउड़ी और ग्राम देवता झुमकेशरी के दरबार में अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए पशु-पक्षियों की बलि की पारंपरिक रस्म निभाई। ग्रामीणों के अनुसार जंताल पूजा से गांव में सुख-समृद्धि, अच्छी फसल और प्राकृतिक आपदाओं एवं बीमारियों से सुरक्षा की कामना की जाती है।

देउरी ने देवी-देवताओं का आह्वान कर गांव और क्षेत्र की खुशहाली के लिए विशेष प्रार्थना की। श्रद्धालुओं ने पूजा स्थलों पर माथा टेककर परिवार की सुख-शांति, बेहतर स्वास्थ्य और कृषि कार्यों में उन्नति की कामना की। पूजा संपन्न होने के बाद श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद का वितरण किया गया।

सांस्कृतिक परंपरा को सहेजने का संदेश

ग्रामीणों ने बताया कि जंताल पूजा उनकी धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा है। यह आयोजन गांव की एकता, सामाजिक समरसता और पारंपरिक संस्कृति को बनाए रखने का माध्यम भी है। पूजा के दौरान गांव के बुजुर्गों ने युवा पीढ़ी को जंताल पूजा की परंपराओं और इसके महत्व की जानकारी दी, ताकि आने वाली पीढ़ियां अपनी सांस्कृतिक विरासत को आगे बढ़ा सकें।

मौके पर तरणी कुराल, देवेन नापित, कृपा सिंधु पात्र, गोपीनाथ नायक, निरील कुराल, प्रकाश कुराल, अजय नापित, दीनबंधु सिंह पात्र, भवानी आदित्य, निलेश आदित्य, विनोद आदित्य, निरंजन लेंका, जगबंधु लेंका, मनोज कुराल सहित कई गणमान्य लोग और ग्रामीण उपस्थित रहे।

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