जनसंवाद, खरसावां (उमाकांत कर)। कुचाई प्रखंड की रूगुडीह पंचायत स्थित प्राथमिक विद्यालय धुनाडीह की जर्जर स्थिति को लेकर ग्रामीणों और अभिभावकों में भारी नाराजगी है। विद्यालय भवन की हालत खराब होने के कारण बच्चों को बारिश के दौरान तिरपाल के सहारे पढ़ाई करनी पड़ रही है। कई बार विद्यालय परिसर के बाहर भी पठन-पाठन संचालित करना पड़ता है। इससे बच्चों की सुरक्षा को लेकर अभिभावकों की चिंता बढ़ गई है।
विद्यालय की स्थिति में सुधार और नए भवन के निर्माण की मांग को लेकर ग्राम प्रधान प्रदीप मुंडा की अध्यक्षता में ग्रामीणों एवं अभिभावकों की बैठक आयोजित की गई। बैठक में विद्यालय की समस्या के समाधान को लेकर आगे की रणनीति पर चर्चा हुई।
छत से टपकता है पानी, दीवारों में पड़ी दरारें
बैठक में ग्रामीणों और अभिभावकों ने कहा कि विद्यालय भवन काफी जर्जर हो चुका है। छत से पानी टपकता है और दीवारों में बड़ी-बड़ी दरारें पड़ चुकी हैं। भवन के कुछ हिस्सों की स्थिति ऐसी है कि उनके गिरने का खतरा बना हुआ है।
ग्रामीणों का कहना है कि बारिश के दिनों में स्थिति और गंभीर हो जाती है। कक्षाओं में पानी भरने के कारण बच्चों को तिरपाल लगाकर अथवा खुले स्थान पर बैठाकर पढ़ाना पड़ता है।
कई बार आवेदन के बावजूद नहीं हुई ठोस पहल
ग्रामीणों के अनुसार विद्यालय भवन की जर्जर स्थिति को लेकर कई बार विभागीय अधिकारियों को लिखित आवेदन देकर जानकारी दी गई है। जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों के समक्ष भी समस्या उठाई गई, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं हुई है।
अभिभावकों ने कहा कि बच्चों को ऐसे भवन में भेजना जोखिम भरा है। यदि समय रहते आवश्यक कदम नहीं उठाया गया और कोई दुर्घटना होती है, तो इसकी जिम्मेदारी संबंधित शिक्षा विभाग और प्रशासनिक अधिकारियों की होगी।
15 दिनों का दिया अल्टीमेटम
बैठक में ग्रामीणों और अभिभावकों ने सर्वसम्मति से शिक्षा विभाग को 15 दिनों का अल्टीमेटम देने का निर्णय लिया। ग्रामीणों के अनुसार इस अवधि में विद्यालय के नए भवन के निर्माण या बच्चों के लिए किसी सुरक्षित वैकल्पिक व्यवस्था की दिशा में ठोस कार्रवाई नहीं की गई तो वे आंदोलनात्मक कदम उठाएंगे।
ग्रामीणों ने निर्णय लिया कि ऐसी स्थिति में विद्यालय में ताला जड़कर बच्चों को स्कूल नहीं भेजा जाएगा और सरायकेला उपायुक्त कार्यालय का घेराव किया जाएगा।
बच्चों की सुरक्षा से समझौता नहीं करने की बात
ग्रामीणों ने कहा कि उनका उद्देश्य बच्चों की पढ़ाई बाधित करना नहीं है, बल्कि उन्हें सुरक्षित वातावरण में शिक्षा उपलब्ध कराना है। उनका कहना है कि बच्चों की सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जा सकता।
अभिभावकों ने जिला प्रशासन, शिक्षा विभाग और जनप्रतिनिधियों से तत्काल हस्तक्षेप कर विद्यालय की समस्या का समाधान कराने की मांग की है।
1971 में स्थापित हुआ था विद्यालय
ग्रामीणों के अनुसार प्राथमिक विद्यालय धुनाडीह की स्थापना वर्ष 1971 में हुई थी। विद्यालय में कक्षा 1 से 5 तक पढ़ाई संचालित होती है और वर्तमान में करीब 70 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं।
पुराना भवन जर्जर होने के बावजूद बच्चों की पढ़ाई जारी रहने को लेकर ग्रामीणों ने चिंता जताई है। अब ग्रामीणों की नजर विभागीय कार्रवाई पर टिकी है।
बैठक में ये लोग रहे मौजूद
बैठक में ग्राम प्रधान प्रदीप मुंडा, वार्ड सदस्य सरवाला मुंडा, शिक्षक जगमोहन जामुदा, मधुसूदन मुंडा, इंद्रजीत मुंडा, हरिश्चंद्र नाग, गुरुचरण मुंडा, सुखलाल मुंडा, सुकुर मुंडा, दिगी मुंडा, आसामनी मुंडा, सुकरा लोहार, जितेंद्र मुंडा, बलदेव मुंडा, इंद्रदेव मुंडा, राम सिंह मुंडा, गुरुदयाल मुंडा सहित अन्य ग्रामीण और अभिभावक उपस्थित रहे।


































