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लोसोदिकी गांव में झुमूर कार्यक्रम का भव्य आयोजन, विधायक दशरथ गागराई ने कहा— परंपराएं और कला ही हमारी असली पहचान

By Goutam

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जनसंवाद, खरसावां (उमाकांत कर): खरसावां प्रखंड के तेलाईडीह पंचायत अंतर्गत लोसोदिकी गांव में मकर संक्रांति के पावन अवसर पर पारंपरिक झुमूर सांस्कृतिक कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन स्थानीय विधायक दशरथ गागराई एवं उनकी धर्मपत्नी समाजसेवी बासंती गागराई ने फीता काटकर किया।

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कार्यक्रम की शुरुआत उदालखाम के प्रसिद्ध झुमूर कलाकार संतोष महतो द्वारा प्रस्तुत आखड़ा कोरी वंदना गीत से हुई। इसके बाद झुमूर कलाकारों की टीम ने एक से बढ़कर एक झुमूर गीत प्रस्तुत कर पूरे माहौल को उत्सवमय बना दिया। कुरमाली, बंगला, नागपुरी, उड़िया और संथाल भाषा में प्रस्तुत गीतों पर दर्शक देर रात तक झूमते नजर आए।

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झुमूर कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीण, युवा, महिलाएं और बच्चे शामिल हुए। पारंपरिक वाद्य यंत्रों और लोकगीतों की मधुर धुनों ने पूरे गांव को सांस्कृतिक रंग में रंग दिया।

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इस अवसर पर विधायक दशरथ गागराई ने कहा कि “हमारी परंपराएं, रीति-रिवाज, भाषा और कला ही हमारी वास्तविक पहचान हैं। यही हमें हमारी जड़ों से जोड़ती हैं और दुनिया में एक अलग पहचान दिलाती हैं।”
उन्होंने कहा कि संस्कृति हमारे इतिहास और पूर्वजों की विरासत को आगे बढ़ाती है, समाज में सद्भाव और एकता को मजबूत करती है। ऐसे सांस्कृतिक आयोजन न केवल मनोरंजन का माध्यम हैं, बल्कि समाज के विभिन्न वर्गों और भाषाओं को समझने तथा आपसी मेल-जोल को बढ़ावा देने का भी अवसर प्रदान करते हैं।

कार्यक्रम में समाजसेवी बासंती गागराई, डॉ. विजय गागराई, तेलाईडीह पंचायत की मुखिया सीनी गागराई, राजाराम महतो सहित आयोजन समिति के सदस्य और कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। ग्रामीणों ने झुमूर कार्यक्रम को अपनी सांस्कृतिक धरोहर बताते हुए ऐसे आयोजनों को लगातार आयोजित करने की मांग की।

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