जनसंवाद, खरसावां/चक्रधरपुर (उमाकांत कर)। चक्रधरपुर प्रखंड क्षेत्र के बुढीगोडा गांव में आदिवासी समुदाय का प्रमुख पर्व मागे पर्व हर्षोल्लास और पारंपरिक उत्साह के साथ मनाया गया।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में खरसावां विधायक Dashrath Gagrai शामिल हुए। कार्यक्रम के दौरान विधायक दशरथ गागराई ने मादर बजाकर सामूहिक मागे नृत्य में भाग लिया, जिससे पूरे गांव में उत्सव का माहौल बन गया।
मादर की थाप पर गांव के महिला-पुरुष और युवा पारंपरिक वेशभूषा में झूमते नजर आए। सामूहिक नृत्य और गीतों के बीच ग्रामीणों ने पर्व को बड़े उत्साह और उल्लास के साथ मनाया। इस दौरान विधायक की उपस्थिति से ग्रामीणों में खासा उत्साह देखा गया।
मौके पर विधायक दशरथ गागराई ने कहा कि मागे पर्व आदिवासी समुदाय का एक महत्वपूर्ण और पारंपरिक त्योहार है, जिसे हर वर्ष पूरे हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। यह पर्व समाज में समानता, भाईचारे और आपसी एकता का संदेश देता है। पारंपरिक गीत-संगीत, सामूहिक नृत्य और भोज के माध्यम से ग्रामीण एक-दूसरे के साथ मिलकर खुशियां बांटते हैं।
उन्होंने कहा कि इस पर्व के माध्यम से हो समाज की समृद्ध संस्कृति और परंपराओं को संरक्षित रखा जाता है। पारंपरिक गीत (दुरुंग), नृत्य (सेन) और पारंपरिक पोशाकें नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने का काम करती हैं। साथ ही यह पर्व प्रकृति के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का भी अवसर देता है, जो पर्यावरण संरक्षण की महत्वपूर्ण सीख देता है।
कार्यक्रम में विधायक दशरथ गागराई के साथ समाजसेवी बासंती गागराई भी मौजूद रहीं। इस दौरान गांव के महिला-पुरुष, बच्चे और कई गणमान्य लोग बड़ी संख्या में उपस्थित थे।



















